खंडवा में 26 जनवरी को होने वाले जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बदल दिए गए हैं। अब जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह यहां ध्वजारोहण करेंगे। इससे पहले जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का नाम तय हुआ था। सरकार ने एक दिन पहले आदेश में संशोधन कर शाह को खंडवा की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले मंत्री शाह के पास रतलाम जिले का कार्यक्रम था। मंत्री विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर कांग्रेस ने तीखा विरोध जताया है। दरअसल, कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सेना के अपमान के मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति देकर केस चलाने के आदेश दिए हैं। इसी बीच उन्हें ध्वजारोहण की जिम्मेदारी मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस बोली- यह सेना के सम्मान पर आघात शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने विरोध जताते हुए कहा, “यह अत्यंत पीड़ादायक और विचारणीय है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय गौरव के पर्व पर मंत्री विजय शाह से ध्वजारोहण कराया जाना क्या उचित है? गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता का उत्सव है। इस अवसर पर वही व्यक्ति ध्वजारोहण करें, जिसकी निष्ठा और आचरण संविधानिक मूल्यों के अनुरूप हो।” ‘राष्ट्रीय कार्यक्रमों से दूर रखा जाए’ प्रतिभा रघुवंशी ने आगे कहा, “एक ऐसे मंत्री, जिनके वक्तव्य ने देश की वीर महिला अधिकारी का अपमान किया, भारतीय सेना की गरिमा को ठेस पहुंचाई, और जिन पर न्यायपालिका ने गंभीर टिप्पणी की हो, उनसे ध्वजारोहण कराना संविधान निर्माताओं का अपमान है और भारतीय सेना के सम्मान पर सीधा आघात है। सवाल है कि क्या सत्ता का पद संविधान और सेना के सम्मान से बड़ा हो गया है? मंत्री विजय शाह को गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों से तत्काल दूर रखा जाए।”


