गुरुग्राम पुलिस ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। अब गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध केवल चालान ही नहीं, बल्कि एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस सख्त कदम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर रोक लगेगी और सड़कें अधिक सुरक्षित बनेंगी। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त गुरुग्राम विकास कुमार अरोड़ा के निर्देशानुसार की जा रही है। प्रमुख मार्गों और हाईवे पर विशेष निगरानी यातायात पुलिस की टीमें शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और हाईवे पर विशेष निगरानी रखेंगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस अभियान से सड़क अनुशासन में सुधार आएगा और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी होगी। बीते वर्ष 2 लाख से अधिक चालान, अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी ट्रैफिक पुलिस प्रवक्ता विकास कुमार ने बताया कि बीते वर्ष भी रॉन्ग साइड ड्राइविंग के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया गया था। इस दौरान गलत दिशा में वाहन चलाने वाले 2,03,936 चालकों के चालान किए गए थे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बनी हुई है, जिस पर नियंत्रण आवश्यक है। गलत लेन और अचानक लेन बदलना बना खतरा प्रवक्ता ने बताया कि गलत लेन में वाहन चलाना, अचानक लेन बदलना और रॉन्ग साइड ड्राइविंग न केवल वाहन चालक के लिए, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा में सहयोग दें। जागरूकता अभियान से सुधरेगा ट्रैफिक अनुशासन गुरुग्राम पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। ट्रक यूनियनों, बस चालकों, स्कूल बस ड्राइवरों, ऑटो-रिक्शा चालकों और कंपनियों के कर्मचारियों व ड्राइवरों के लिए यातायात जागरूकता पाठशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन अभियानों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं को रोकना है। डीसीपी ट्रैफिक बोले—हादसों पर अंकुश के लिए जरूरी कदम डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि रॉन्ग साइड से होने वाली दुर्घटनाओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हादसों को रोकने और जाम से बचाव के लिए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


