रायपुर। राज्य सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार और स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 लागू कर दी है। इसके तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए पंजीकृत स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 100 करोड़ के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख तक) सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
खास बात यह है कि नीति के तहत स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, ताकि नए स्टार्टअप को सभी प्रकार की मदद मिल सकें। बता दें कि पत्रिका ने 8 दिसम्बर 2025 को स्टार्टअप उछाल के बीच शटडाउन शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
राज्य में इज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहित करने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य एक एकीकृत स्टार्टअप डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म विकसित करेगा। यह सिंगल विंडो इंटरफ़ेस स्टार्टअप को नीति में प्रावधानित निवेश प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगा। यह प्लेटफ़ॉर्म मेंटर, निवेशक, इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर और अन्य प्रमुख इकोसिस्टम हितधारकों के साथ सामंजस्य स्थापित करने में भी सहायक होगा।
यह खास होगा स्टार्ट अप नगर में
इस नीति के तहत राज्य सरकरा स्टार्टअप नगर विकसित करने का प्रयास करेगी। इसमें स्टार्टअप से संबन्धित सभी हितधारकों इनक्यूबेटर, को-वर्किंग, स्पेस निवेशक, बैंकर, मेकरस्पेस, प्रयोगशालाएं और उत्कृष्टता केंद्र को एक स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही यहां सार्वजानिक सुविधाएं जैसे ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, पार्किंग स्थल, मनोरंजन क्षेत्र और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
आईपी और प्रौद्योगिकी सुविधा प्रकोष्ठ
राज्य नवावार इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए एक समर्पित इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी एंड टेक्नोलॉजी फैसिलिटेशन सेल की स्थापना का प्रयास करेगा। यह प्रकोष्ठ बौद्धिक सम्पदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने, व्यावसायीकरण के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों का संकलन करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाने और उद्यमशील क्षमताओं का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह स्टार्टअप को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स संबंधित प्रक्रियाओं में रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जिससे नवाचार संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और बौद्धिक संपदाओं का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा।
मनाएंगे स्टार्टअप वार्षिक दिवस
इन नीति के तहत हर साल स्टार्टअप डे का आयोजन किया जाएगा। इसका आयोजन विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों एवं कंपनियों की भागीदारी के साथ किया जाएगा।
ऐसे मिलेगी सहायता
- नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख तक सहायता।
- निवेश उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ का फंड।
- बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ का फंड।
- 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 फीसदी तक ब्याज अनुदान।
- 3 वर्षों तक भुगतान किए गए किराए का 50 फीसदी (अधिकतम 15,000 प्रति माह)।
- मशीनरी एवं उपकरण पर 35 फीसदी तक (अधिकतम 35 लाख) की सहायता।
- राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 फीसदी तक अधितम 10 लाख प्रतिपूर्ति।
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 फीसदी अनुदान।
- बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 फीसदी अतिरिक्त सहायता।
- स्थापित इनक्यूबेटर्स द्वारा अधोसंरचना या क्षमता में 25 फीसदी वृद्धि करने पर उन्हें भी अनुदान की पात्रता होगी।
- मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 1 लाख प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख वार्षिक)।
- न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख तक व्यय प्रतिपूर्ति।


