मप्र लगातार खनन सेक्टर में नवाचार कर रहा है। 1 मार्च से माइनिंग कंपनियां अपने रिटर्न और छमाही असेसमेंट से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन खनिज विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। उन्हें बार-बार राजधानी आकर दस्तावेज नहीं देने पड़ेंगे। खनन सेक्टर में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए खनिज विभाग ने ऑनलाइन रिटर्न व असेसमेंट के मॉड्यूल बनाकर ई-खनिज पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं। मप्र गौण खनिज अधिनियम 1996 के तहत खनन में लगे समूहों को मासिक, छमाही और वार्षिक रिटर्न जमा करने होते हैं। पर अभी तक भौतिक रूप से इन्हे खनिज विभाग के पास जमा करना पड़ता था। अब ऑनलाइन रिटर्न दाखिल किए जा सकेंगे। इससे खनन कंपनियों को समय व धन की बचत होगी। बुधवार को जारी आदेश में खनिज विभाग ने कहा कि 1 मार्च से ऑनलाइन रिटर्न ही स्वीकार होंगे। भौतिक रूप से जमा होने वाले रिटर्न बंद हो जाएंगे। भौतिक व्यवस्था से कई बार रिटर्न -असेसमेंट लेट भी हो जाते थे। हर 6 महीने में… कंपनियों को असेसमेंट के दस्तावेज देंगे ऑनलाइन हर 6 महीने में खनन कंपनियों को खनन किए गए और उपयोग किए जा चुके खनिज के बारे में पूरा विवरण खनिज विभाग को स्वामित्व निर्धारण (असेसमेंट) के द्वारा देना होता है। यदि खनन कंपनियां ऐसा नहीं करती हैं तो विभाग सीधे सीधे देय राशि वसूल लेता है और देरी पर पेनल्टी भी लगाई जाती है। असेसमेंट में खनिज उत्पादन, ट्रांसपोर्टेशन और कितनी रॉयल्टी देनी है, इससे जुड़ी जानकारियां देनी होती हैं। इसके लिए खनिज विभाग ने रॉयल्टी असेसमेंट मॉड्यूल बनाकर उसे ई खनिज पोर्टल पर एक्टिव कर दिया है। ये मॉड्यूल भी 1 मार्च से लागू हो जाएगा। अब तक असेसमेंट से जुड़े दस्तावेज देने पट्टाधारियों को राजधानी आना पड़ता था। खनिज विभाग के मुताबिक पट्टाधारियों को सुविधा हो और जल्दी जल्दी रिटर्न फाइल हों, ये इस नवाचार का उद्देश्य है।


