Excise Policy: नई आबकारी नीति का प्रस्ताव बन गया है, सरकार से मंजूरी मिलने का इंतजार है। नई शराब दुकानें खोलने का प्रस्ताव नहीं है, लेकिन जगह-जगह छोटे बार खोलने का प्रस्ताव जरूर शामिल किया गया है। मंजूरी होते ही नए वित्तीय वर्ष के लिए शराब दुकानों के ठेके की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
अफसरों के मुताबिक, नई नीति में नई दुकानें खोलने जैसा प्रस्ताव नहीं है। हालांकि छोटे बार खोलने का प्रस्ताव जरूर शामिल किया गया है। एक बार पहले भी इसका प्रयास हुआ था, लेकिन सरकार ने मंजूर नहीं किया। अभी दो तरह के बार लाइसेंस होते हैं जिसकी फीस 20 लाख रुपए महीना होती है। अब छोटे बार खोलने का प्रस्ताव है।
खुलेंगे छोटे बार
छोटे बार लो अलकोहल वाले ब्रांड के लिए है और इसकी फीस 2, 5 अथवा 10 लाख हो सकती है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो शहरों में बड़ी संख्या में छोटे बार खुल जाएंगे जिसका कई लोग विरोध कर रहे हैं। शराब की तस्करी रोकने के लिए बोतलों पर क्यूआर कोड लगाने का प्रस्ताव है। ट्रेस एंड ट्रैक के तहत क्यूआर कोड स्कैन लगाए जाएंगे। दावा है कि इन्हें स्कैन करते ही शराब किस फैक्ट्री की है, किस जिले में गई इसकी जानकारी सामने आ जाएगी।
हर साल 20 प्रतिशत राशि बढ़ाने पर दुकान ठेकेदार को आवंटित कर दी जाती है। अच्छी दुकान को ठेकेदार 20 प्रतिशत ज्यादा लेकर अगले साल के लिए ठेका रीन्यू करवा लेता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस बार एकाधिकार समाह्रश्वत करने सरकार हर ग्रुप के लिए टेंडर जारी करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह मंजूर होता है तो हर दुकान का टेंडर निकलेगा।
आबकारी विभाग ने की कार्रवाइ
इंदौर शहर के बाहरी इलाकों के ढाबों, रेस्टोरेंट्स पर शराब पिलाने की शिकायत पर आबकारी विभाग ने कार्रवाई की। शराब जब्त करते हुए कई केस बनाए। सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देश में अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई की। कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी एवं डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल ने बताया, महू इलाके के ढाबों पर सर्चिंग की गई।
यहां 5 प्रकरण दर्ज कर 110 पाव देशी मदिरा ,18 केन बीयर, 90 पाव विदेशी मदिरा, 12 बोतल विदेशी मदिरा आदि जब्त किए गए। इसी तरह बंबई बाजार एवं बालदा कॉलोनी वृत्त की टीम ने पीपल्यापाला और राजीव गांधी चौराहे के आसपास इलाके से लगभग 8.2 बल्क लीटर एवं माल्ट लगभग 2.1 बल्क लीटर को कब्जे में लिया। यहां पर 6 केस दर्ज कराए गए।


