Sri Lanka श्रीलंका में बढ़ते फ्यूल संकट और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के असर को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय देश की एनर्जी सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके तहत अब से अगला आदेश आने तक हर बुधवार को पब्लिक हॉलिडे घोषित किया गया है, जिससे फ्यूल की खपत कम की जा सके और संभावित कमी से निपटा जा सके।
आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा यह नियम
श्रीलंका सरकार ने सोमवार को घोषणा करते हुए बताया कि 18 मार्च से हर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह फैसला आवश्यक सेवाओं के आयुक्त जनरल प्रबथ चंद्रकीर्ति द्वारा जारी किया गया। हालांकि यह नियम स्वास्थ्य, पोर्ट, जल आपूर्ति और कस्टम सेवाओं पर लागू नहीं होगा, लेकिन स्कूल, यूनिवर्सिटी और न्यायपालिका इस दायरे में आएंगे। सरकार ने प्राइवेट सेक्टर से भी इस व्यवस्था को अपनाने की अपील की है ताकि अधिकतम स्तर पर फ्यूल की बचत सुनिश्चित की जा सके।
मिडिल ईस्ट में युद्ध से बढ़ा तनाव
यह कदम उस समय उठाया गया है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिसका सीधा असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ा है। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में समुद्री यातायात प्रभावित होने से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे श्रीलंका जैसे आयात पर निर्भर देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फ्यूल की कीमतों में की बढ़ोतरी
स्थिति को संभालने के लिए श्रीलंका सरकार ने फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की और राशनिंग सिस्टम लागू किया है। इस सिस्टम के तहत फ्यूल की सीमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है ताकि जमाखोरी को रोका जा सके। हालांकि इसके चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे फ्यूल का सीमित और आवश्यक उपयोग करें। साथ ही भारत और रूस के साथ बातचीत जारी है ताकि फ्यूल सप्लाई को स्थिर रखा जा सके।


