20 बार बच निकला था… मगर 21वीं मुठभेड़ में मारा गया Jaish का कुख्यात कमांडर Saifullah

20 बार बच निकला था… मगर 21वीं मुठभेड़ में मारा गया Jaish का कुख्यात कमांडर Saifullah
जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए तीनों आतंकवादियों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं क्योंकि वे जिस मिट्टी के मकान में छिपे हुए थे उसमें गोलीबारी के कारण आग लग गई थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन में पता चला है कि मृतकों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का एक कुख्यात कमांडर सैफुल्ला भी है।
खबरों के मुताबिक, सैफुल्ला ने लगभग पांच साल पहले जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ किया था और तब से इस क्षेत्र में सक्रिय था। उस पर सुरक्षा बलों पर कई घातक हमलों की साजिश रचने का आरोप है। इनमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें एक कैप्टन समेत चार जवान शहीद हो गए थे। सैफुल्ला पहले भी कई मुठभेड़ों के दौरान बच निकला था। जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी सैफुल्लाह कम से कम 20 बार सुरक्षा बलों के हाथों से बच निकला था। सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू किया था। आतंकवादी पहाड़ी पर बने एक कच्चे घर में छिपे हुए थे। आतंकवादियों को मार गिराने वालों में राज्य पुलिस, सीआरपीएफ और विशेष बल शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि तीसरे आतंकवादी का शव और एक हथियार शाम को आतंकवादी के जले हुए ठिकाने से बरामद किया गया।

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इसके पहले सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने व्हाइट नाइट कोर के जवानों द्वारा तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए की गई ‘तेज और सटीक’ कार्रवाई की सराहना की। भारतीय सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सेना के कमांडर ने दुर्गम क्षेत्र में दृढ़ साहस दिखाने के लिए जमीनी स्तर पर तैनात कमांडरों और सैनिकों की सराहना की है। उत्तरी कमान आतंकवाद मुक्त जम्मू कश्मीर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ पोस्ट में कहा गया है कि चतरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में ‘त्राशी-1’ ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों को मार गिराया गया तथा दो एके-47 राइफल और गोला-बारूद बरामद किये गए।
व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर पुलिस, खुफिया ब्यूरो और हमारे अपने सूत्रों से प्राप्त विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के लिए किश्तवार क्षेत्र में ‘त्राशी-1’ ऑपरेशन के तहत एक सुनियोजित संयुक्त अभियान चलाया गया।’’ पोस्ट के अनुसार ‘काउंटर-इंटेलिजेंस फोर्स’ (सीआईएफ)-डेल्टा के जवानों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ करीबी समन्वय में आज पूर्वाह्न लगभग 11 बजे दुर्गम इलाके में आतंकवादियों को चुनौती दी। सेना ने कहा कि सटीकता, निर्बाध तालमेल और दृढ़ आक्रामकता का प्रदर्शन करते हुए, जवानों ने मुठभेड़ स्थल पर अपना दबदबा कायम किया, जहां तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया।
प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी एक पहाड़ी की तलहटी में एक कच्चे मकान में छिपे हुए थे और उन्होंने आगे बढ़ रही सुरक्षा बलों की टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। गोलीबारी के दौरान कच्चे मकान में आग लग गई और वह जलकर खाक हो गया। घटनास्थल से आतंकवादियों के झुलसे हुए शव बरामद किए गए और उनकी पहचान के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी से पहले सैफुल्ला और उसके अन्य साथियों (पाकिस्तानी नागरिक) की मौजूदगी का संकेत मिला था।
हम आपको बता दें कि चतरू वन क्षेत्र में 18 जनवरी से अब तक आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच लगभग छह मुठभेड़ हुईं, जिनमें एक सैनिक शहीद हो गया जबकि एक आतंकवादी मारा गया था। रविवार को तीन आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ही, इस साल जम्मू क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के कुल सात आतंकवादियों को मार गिराया है। इससे पहले, चार फरवरी को उधमपुर के रामनगर जंगल में दो आतंकवादी मारे गए थे और 23 जनवरी को कठुआ के परहेतर गांव में एक आतंकवादी मारा गया था। इस बीच, शनिवार देर रात सांबा जिले के पांगदौर चौक पर जांच के दौरान एक ट्रक चालक के मोबाइल फोन में पाकिस्तान से जुड़े कुछ नंबर मिलने के बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया।

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