नोएडा पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का तेजी से इस्तेमाल कर रही है। पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यक्ष ऐप को लागू किया है। इस ऐप के जरिए अपराधियों, गैंग, हिस्ट्रीशीटर और बीट से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप में एकत्र किया जा रहा है, ताकि अपराधियों पर नजर रखना और एक्शन करना आसान हो सके। 2009 गांव और मोहल्लों की मैपिंग पूरी हो चुकी है। इससक 20 हजार बदमाशों की डिजिटल डेटा तैयार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नरेट के तीनों जोन में इस ऐप के जरिए तेजी से काम कर रहा है। इस पहल से पुलिस को अपराधियों की सही और अपडेट जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रही है। इससे अपराध की रोकथाम और पुलिस कार्रवाई दोनों को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 2009 गांव और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इस मैपिंग के जरिए हर इलाके की भौगोलिक और प्रशासनिक जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध हो गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा बीट पुलिसिंग को होगा। किसी घटना या आपात स्थिति में पुलिस को तुरंत पता चल सकेगा कि कौन सा इलाका किस बीट में आता है और वहां तक पहुंचने का सबसे तेज रास्ता क्या है। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय भी कम होगा और लोगों को जल्द मदद मिल सकेगी। 20 हजार से ज्यादा अपराधियों का रिकॉर्ड ऐप पर
यक्ष ऐप पर गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों से जुड़े कुल 20 हजार 537 अपराधियों का विवरण दर्ज किया गया है। इनमें से 19,931 अपराधियों का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है। बाकी अपराधियों का सत्यापन करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। जब यह काम पूरी तरह पूरा हो जाएगा तो सभी अपराधियों की जानकारी डिजिटल रूप में पुलिस के पास उपलब्ध होगी। इससे पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। जिले में इस समय कुल 189 आपराधिक गैंग सूचीबद्ध हैं। 1073 हिस्ट्रीशीटरों का भी डिजिटल पंजीकरण
कमिश्नरेट के सभी थानों में कुल 1073 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं। इन सभी हिस्ट्रीशीटरों का भी विवरण भी यक्ष ऐप पर अपलोड कर दिया गया है। इससे पुलिस को यह पता रहेगा कि कौन-कौन से अपराधी पहले से गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं और उनकी वर्तमान गतिविधियां क्या हैं। ऐसे अपराधियों की निगरानी कर अपराध होने से पहले ही कार्रवाई करना आसान होगा।


