कटिहार में एक प्रेस वार्ता के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अधिवक्ता आदिल हसन ने बिहार सरकार से महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने मानव संसाधन विकास (HRD) विभाग से सभी सरकारी विभागों में लंबित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को तत्काल जारी करने का आग्रह किया है। आदिल हसन ने विशेष रूप से बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और स्वास्थ्य मंत्रालय से आग्रह करते हुए कहा कि HRD विभाग में NOC लंबित होने के कारण बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी मानसिक, प्रशासनिक और व्यावसायिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि NOC जारी न होने से कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों की गति भी बाधित हो रही है। कई मामलों में पदोन्नति, स्थानांतरण, नियुक्ति और प्रशिक्षण जैसी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएँ केवल NOC के अभाव में अटकी हुई हैं। इससे सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता पर सीधा असर पड़ रहा है। हसन ने जोर दिया कि यह समस्या केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेने और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी। आदिल हसन ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और प्रशासनिक कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सकें। उन्होंने कहा कि एक पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन ही सुशासन की पहचान है। कटिहार में एक प्रेस वार्ता के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अधिवक्ता आदिल हसन ने बिहार सरकार से महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने मानव संसाधन विकास (HRD) विभाग से सभी सरकारी विभागों में लंबित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को तत्काल जारी करने का आग्रह किया है। आदिल हसन ने विशेष रूप से बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और स्वास्थ्य मंत्रालय से आग्रह करते हुए कहा कि HRD विभाग में NOC लंबित होने के कारण बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी मानसिक, प्रशासनिक और व्यावसायिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि NOC जारी न होने से कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों की गति भी बाधित हो रही है। कई मामलों में पदोन्नति, स्थानांतरण, नियुक्ति और प्रशिक्षण जैसी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएँ केवल NOC के अभाव में अटकी हुई हैं। इससे सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता पर सीधा असर पड़ रहा है। हसन ने जोर दिया कि यह समस्या केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेने और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी। आदिल हसन ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और प्रशासनिक कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सकें। उन्होंने कहा कि एक पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन ही सुशासन की पहचान है।


