नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में एक विवाहिता के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि सामाजिक नैतिकता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। शुक्रवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे सांसद ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए 50,000 रुपए आर्थिक सहायता दी, ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। मनचलों पर लगाम कसने में सरकार-प्रशासन विफल पप्पू यादव ने नालंदा में बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। वर्ष 2018 से लेकर अब तक नगरनौसा, हिलसा और जिले के अन्य हिस्सों में महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी और उनके वीडियो वायरल किए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। सवाल उठाया कि आखिर नालंदा की धरती पर ही बार-बार बेटियों के साथ ऐसी बर्बरता क्यों दोहराई जा रही है। सांसद ने समाज की मानसिकता पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि किसी भी घटना के बाद महिला को ही ‘बदचलन’ कह देना एक आसान और घटिया प्रक्रिया बन गई है। किसी की पत्नी या बहन के निजी अंगों पर हाथ डालने का हक किसी को नहीं है। ऐसी घिनौनी सोच रखने वालों के हाथ काट दिए जाने चाहिए। सरकार इन मनचलों पर लगाम कसने में विफल क्यों साबित हो रही है। सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे सांसद पप्पू यादव ने समाज में बढ़ते नशे के प्रचलन, जैसे स्मैक, व्हाइटनर और ड्रग्स को इन अपराधों की मुख्य जड़ बताया। युवाओं से अपनी बहन-बेटियों के प्रति सम्मान रखने की अपील की। मणिपुर और पटना के सामूहिक दुष्कर्म कांड का उदाहरण देते हुए मूकदर्शक बने रहने वाले समाज को भी आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि आज लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में मशगूल रहते हैं, जो एक डरे हुए और संवेदनहीन समाज की निशानी है। इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे। अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हिमाकत न कर सके। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में एक विवाहिता के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि सामाजिक नैतिकता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। शुक्रवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे सांसद ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए 50,000 रुपए आर्थिक सहायता दी, ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। मनचलों पर लगाम कसने में सरकार-प्रशासन विफल पप्पू यादव ने नालंदा में बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। वर्ष 2018 से लेकर अब तक नगरनौसा, हिलसा और जिले के अन्य हिस्सों में महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी और उनके वीडियो वायरल किए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। सवाल उठाया कि आखिर नालंदा की धरती पर ही बार-बार बेटियों के साथ ऐसी बर्बरता क्यों दोहराई जा रही है। सांसद ने समाज की मानसिकता पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि किसी भी घटना के बाद महिला को ही ‘बदचलन’ कह देना एक आसान और घटिया प्रक्रिया बन गई है। किसी की पत्नी या बहन के निजी अंगों पर हाथ डालने का हक किसी को नहीं है। ऐसी घिनौनी सोच रखने वालों के हाथ काट दिए जाने चाहिए। सरकार इन मनचलों पर लगाम कसने में विफल क्यों साबित हो रही है। सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे सांसद पप्पू यादव ने समाज में बढ़ते नशे के प्रचलन, जैसे स्मैक, व्हाइटनर और ड्रग्स को इन अपराधों की मुख्य जड़ बताया। युवाओं से अपनी बहन-बेटियों के प्रति सम्मान रखने की अपील की। मणिपुर और पटना के सामूहिक दुष्कर्म कांड का उदाहरण देते हुए मूकदर्शक बने रहने वाले समाज को भी आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि आज लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में मशगूल रहते हैं, जो एक डरे हुए और संवेदनहीन समाज की निशानी है। इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे। अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हिमाकत न कर सके।


