हत्या के 6 महीने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं:घर लौटते वक्त युवक को गोली मारी गई थी, मां बोली- हत्यारा खुलेआम घूम रहा

हत्या के 6 महीने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं:घर लौटते वक्त युवक को गोली मारी गई थी, मां बोली- हत्यारा खुलेआम घूम रहा

गया जिले के डेल्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरागी मोहल्ले में मनीष मांझी हत्याकांड को 6 महीने बीत चुके हैं। इस मामले में नामजद आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। मृतक की मां सुनीता देवी लगातार अपने बेटे के हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। सुनीता देवी के अनुसार, लगभग 6 महीने पहले उनके बेटे मनीष मांझी की देर रात काम से घर लौटते समय अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मौके पर ही मनीष की मौत हो गई थी। इस मामले में शंकर मांझी को नामजद आरोपी बनाया गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपी शंकर मांझी आज भी खुलेआम घूम रहा है, जबकि पुलिस उसे गिरफ्तार करने में विफल रही है। सुनीता देवी ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उनके परिवार को ही निशाना बनाया। मेरा बेटा अपराधी नहीं था उन्होंने बताया कि तोड़फोड़ के एक मामले में उनके परिवार के छह सदस्यों को जेल भेज दिया गया था, जिसमें वह स्वयं भी शामिल थीं। सुनीता देवी हाल ही में जेल से रिहा हुई हैं। उनका कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। सुनीता देवी ने कहा, ‘मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं था। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसे बेरहमी से मार दिया गया और हम आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं।’ स्थानीय लोगों ने भी पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। सुनीता देवी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके बेटे के हत्यारे को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने परिवार और स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होंगी। गलत आरोप लगाया जा रहा इस संबंध में डेल्हा थाना अध्यक्ष देवराज इंद्र का कहना है कि आरोप निराधार है। घटना के 24 घंटे बाद ही इस हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बाकी अन्य आरोपी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है। गिरफ्तारी नहीं होती है तो कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। गया जिले के डेल्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरागी मोहल्ले में मनीष मांझी हत्याकांड को 6 महीने बीत चुके हैं। इस मामले में नामजद आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। मृतक की मां सुनीता देवी लगातार अपने बेटे के हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। सुनीता देवी के अनुसार, लगभग 6 महीने पहले उनके बेटे मनीष मांझी की देर रात काम से घर लौटते समय अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मौके पर ही मनीष की मौत हो गई थी। इस मामले में शंकर मांझी को नामजद आरोपी बनाया गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपी शंकर मांझी आज भी खुलेआम घूम रहा है, जबकि पुलिस उसे गिरफ्तार करने में विफल रही है। सुनीता देवी ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उनके परिवार को ही निशाना बनाया। मेरा बेटा अपराधी नहीं था उन्होंने बताया कि तोड़फोड़ के एक मामले में उनके परिवार के छह सदस्यों को जेल भेज दिया गया था, जिसमें वह स्वयं भी शामिल थीं। सुनीता देवी हाल ही में जेल से रिहा हुई हैं। उनका कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। सुनीता देवी ने कहा, ‘मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं था। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसे बेरहमी से मार दिया गया और हम आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं।’ स्थानीय लोगों ने भी पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। सुनीता देवी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके बेटे के हत्यारे को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने परिवार और स्थानीय लोगों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होंगी। गलत आरोप लगाया जा रहा इस संबंध में डेल्हा थाना अध्यक्ष देवराज इंद्र का कहना है कि आरोप निराधार है। घटना के 24 घंटे बाद ही इस हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बाकी अन्य आरोपी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है। गिरफ्तारी नहीं होती है तो कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।  

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