दरभंगा में पतोर थाना क्षेत्र के बिंदेश्वर राम हत्याकांड में पांच दिन बाद भी बदमाश अरेस्ट नहीं हुआ है। दर्सल, 24 जनवरी की सुबह पतोर थाना क्षेत्र के पतोर राम टोल निवासी 45 साल के बिंदेश्वर राम का शव एक खेत में संदिग्ध अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया था, जिसे जिला प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद शांत कराया गया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम डीएमसीएच में कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट नहीं मृतक की पत्नी रीता देवी के लिखित बयान के आधार पर पतोर गांव के ही रहने वाले गोपाल मिश्र, आशुतोष मिश्र और ओमकार मिश्र के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना अध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक हत्या के कारण और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट नहीं हो सकी है। शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट नहीं थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट डीएमसीएच से मिला है, जिसमें शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मृतक के शरीर के कुछ अंगों को सुरक्षित रखा गया है और उन्हें जांच के लिए मुजफ्फरपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा जा रहा है। किडनी, लीवर, पेट और अन्य आंतरिक अंगों के नमूनों को सुरक्षित रखकर विधि विज्ञान लैब भेजने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिंदेश्वर राम की मौत किस कारण से हुई। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही पुलिस हत्या की प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पांच दिन बाद भी मामले का खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले का पर्दाफाश किया जाएगा। दरभंगा में पतोर थाना क्षेत्र के बिंदेश्वर राम हत्याकांड में पांच दिन बाद भी बदमाश अरेस्ट नहीं हुआ है। दर्सल, 24 जनवरी की सुबह पतोर थाना क्षेत्र के पतोर राम टोल निवासी 45 साल के बिंदेश्वर राम का शव एक खेत में संदिग्ध अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया था, जिसे जिला प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद शांत कराया गया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम डीएमसीएच में कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट नहीं मृतक की पत्नी रीता देवी के लिखित बयान के आधार पर पतोर गांव के ही रहने वाले गोपाल मिश्र, आशुतोष मिश्र और ओमकार मिश्र के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना अध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक हत्या के कारण और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट नहीं हो सकी है। शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट नहीं थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट डीएमसीएच से मिला है, जिसमें शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मृतक के शरीर के कुछ अंगों को सुरक्षित रखा गया है और उन्हें जांच के लिए मुजफ्फरपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा जा रहा है। किडनी, लीवर, पेट और अन्य आंतरिक अंगों के नमूनों को सुरक्षित रखकर विधि विज्ञान लैब भेजने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिंदेश्वर राम की मौत किस कारण से हुई। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही पुलिस हत्या की प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पांच दिन बाद भी मामले का खुलासा नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।


