मैं नीतीश कुमार राज्यसभा में स्थान भरने के लिए अभ्यर्थी के रूप में निर्देशित हुआ हूं। सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं। मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा सखूंगा। मैं भारत की प्रभुता अक्षम्य रखूंगा। इसी शपथ के साथ नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा के प्रत्याशी की तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया। CM के साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी नामांकन दाखिल किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार के नामांकन के बाद अमित शाह ने उनकी जमकर तारीख की। उन्होंने कहा, उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा। बिहार के विकास के सारे मायने को उन्होंने गति देने का काम किया। उन्होंने अपने शासनकाल में बिहार को जंगलराज से मुक्त करने का काम किया। उन्होंने न केवल बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा, उसकी स्थिति में भी सुधार किया। इतने लंबे कार्यकाल में विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा।’ बुधवार दोपहर 2 बजे नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरें सामने आई। गुरुवार सुबह 10.54 बजे CM ने खुद पोस्ट कर के ऐलान किया कि वो कुर्सी छोड़ने वाले हैं। उनके 165 शब्दों के पोस्ट ने पूरी पिक्चर साफ कर दी। मतलब 21 घंटे में बिहार की सत्ता उलट पलट गई। अब बिहार का घटनाक्रम कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी की नजर से : नामांकन से पहले नीतीश बोले- बिहार की नई सरकार को पूरा सपोर्ट करूंगा नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने अपने X पर लिखा कि, ‘संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। बिहार की नई सरकार को मेरा सपोर्ट रहेगा।’ नीतीश के ऐलान पर तेजस्वी यादव ने कहा है कि, बिहार में महाराष्ट्र मॉडल बीजेपी ने लागू किया है। भाजपा ने नीतीश कुमार को इतना टॉर्चर किया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। बीजेपी अपनी सहयोगी पार्टी को खत्म कर देती है। बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक किया है। नीतीश कुमार का पूरा पोस्ट मंत्री, विधायक और MLC को भगाया इधर, सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद गुरुवार सुबह से ही कार्यकर्ता CM आवास के बाहर जुट गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि, नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे। CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। कार्यकर्ताओं ने CM हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भगा दिया। जदयू दफ्तर में भी गुस्साए कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। CM हाउस के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने ये आरोप लगाए अब कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें देखिए… तेजस्वी के 3 बड़े आरोप नीतीश के राज्यसभा जाने पर नेताओं ने क्या कहा मैं नीतीश कुमार राज्यसभा में स्थान भरने के लिए अभ्यर्थी के रूप में निर्देशित हुआ हूं। सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं। मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा सखूंगा। मैं भारत की प्रभुता अक्षम्य रखूंगा। इसी शपथ के साथ नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा के प्रत्याशी की तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया। CM के साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी नामांकन दाखिल किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार के नामांकन के बाद अमित शाह ने उनकी जमकर तारीख की। उन्होंने कहा, उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा। बिहार के विकास के सारे मायने को उन्होंने गति देने का काम किया। उन्होंने अपने शासनकाल में बिहार को जंगलराज से मुक्त करने का काम किया। उन्होंने न केवल बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा, उसकी स्थिति में भी सुधार किया। इतने लंबे कार्यकाल में विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा।’ बुधवार दोपहर 2 बजे नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरें सामने आई। गुरुवार सुबह 10.54 बजे CM ने खुद पोस्ट कर के ऐलान किया कि वो कुर्सी छोड़ने वाले हैं। उनके 165 शब्दों के पोस्ट ने पूरी पिक्चर साफ कर दी। मतलब 21 घंटे में बिहार की सत्ता उलट पलट गई। अब बिहार का घटनाक्रम कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी की नजर से : नामांकन से पहले नीतीश बोले- बिहार की नई सरकार को पूरा सपोर्ट करूंगा नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने अपने X पर लिखा कि, ‘संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। बिहार की नई सरकार को मेरा सपोर्ट रहेगा।’ नीतीश के ऐलान पर तेजस्वी यादव ने कहा है कि, बिहार में महाराष्ट्र मॉडल बीजेपी ने लागू किया है। भाजपा ने नीतीश कुमार को इतना टॉर्चर किया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। बीजेपी अपनी सहयोगी पार्टी को खत्म कर देती है। बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक किया है। नीतीश कुमार का पूरा पोस्ट मंत्री, विधायक और MLC को भगाया इधर, सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद गुरुवार सुबह से ही कार्यकर्ता CM आवास के बाहर जुट गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि, नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे। CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। कार्यकर्ताओं ने CM हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भगा दिया। जदयू दफ्तर में भी गुस्साए कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। CM हाउस के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने ये आरोप लगाए अब कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें देखिए… तेजस्वी के 3 बड़े आरोप नीतीश के राज्यसभा जाने पर नेताओं ने क्या कहा


