Nipah Virus Death India: पश्चिम बंगाल (West Bengal) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां 25 साल की एक नर्स की मौत हो गई। वह पहले निपाह वायरस से संक्रमित थी, लेकिन बाद में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ किया है कि उसकी मौत निपाह संक्रमण से नहीं, बल्कि कार्डियक अरेस्ट यानी हार्ट अटैक से हुई है।
एक महीने तक ICU में भर्ती रही नर्स
जानकारी के मुताबिक नर्स पिछले एक महीने से ज्यादा समय तक अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती थी। इलाज के दौरान उसके फेफड़ों में सेकेंडरी इंफेक्शन भी हो गया, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव Narayan Swaroop Nigam ने बताया कि नर्स की ताजा लैब रिपोर्ट में निपाह वायरस नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि उसकी मौत का कारण केवल कार्डियक अरेस्ट था, न कि वायरस संक्रमण।
राज्य में निपाह के दो मामले सामने आए थे
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिसंबर से अब तक राज्य में निपाह संक्रमण के दो मामले सामने आए थे। इसकी पुष्टि National Centre for Disease Control ने भी की थी। दूसरा मरीज 22 साल का एक पुरुष नर्स था, जो उसी अस्पताल में भर्ती था। राहत की बात यह है कि उसकी रिपोर्ट भी अब निगेटिव आ चुकी है।
यात्रा के बाद बीमार पड़े थे दोनों नर्स
बताया जा रहा है कि दोनों नर्स दिसंबर के आखिरी हफ्ते में पुरबा बर्धमान की यात्रा से लौटे थे। इसके बाद वे बीमार पड़ गए और अस्पताल में भर्ती कराए गए, जहां उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू की। जिन लोगों का मरीजों से संपर्क हुआ था, उन सभी की पहचान कर टेस्ट किया गया। कुल 196 लोगों को ट्रेस किया गया और राहत की बात यह रही कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
निपाह वायरस कितना खतरनाक है?
निपाह एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो आमतौर पर चमगादड़ और अन्य जानवरों से इंसानों में फैलती है। संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने या दूषित फल या खजूर का रस खाने से भी संक्रमण हो सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य बुखार जैसे लगते हैं, लेकिन बाद में यह दिमाग में सूजन जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसकी मृत्यु दर 50 से 60 प्रतिशत तक मानी जाती है, इसलिए समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है और सभी संभावित संपर्कों की जांच हो चुकी है। फिर भी लोगों को सावधानी बरतने, साफ-सफाई रखने और किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।


