Nipah Virus Alert: निपाह वायरस, जिसने भारत के कुछ क्षेत्रों से शुरुआत की थी, अब उसकी स्थिति इतनी घातक हो चुकी है कि पड़ोसी देशों ने अपनी चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी के चलते म्यांमार सरकार ने इससे बचने के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आइए जानते हैं कि म्यांमार सरकार ने क्या अलर्ट जारी किया है, नागरिकों को इस वायरस से बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं और जानलेवा निपाह वायरस से बचने के लिए क्या करना चाहिए।
म्यांमार सरकार ने हाई अलर्ट में क्या कदम उठाए हैं?(Nipah Virus Alert)
- हवाई अड्डों पर हेल्थ यूनिट्स- सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और सीमा बिंदुओं पर विशेष स्वास्थ्य इकाइयों को तैनात किया है। प्रभावित क्षेत्रों (जैसे भारत के पश्चिम बंगाल) से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है।
- यात्रियों के लिए ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ और गाइडलाइंस जारी- स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नागरिक उन क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा न करें निपाह के मामले सक्रिय हैं। जो लोग वहां से लौट रहे हैं, उन्हें 14 दिनों तक खुद की निगरानी (Self-monitoring) करने और लक्षण दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है।
- वन्यजीव और पशुधन की मॉनिटरिंग- निपाह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है, इसलिए स्थानीय समुदायों को आदेश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में चमगादड़ों या सूअरों की किसी भी असामान्य मृत्यु की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। पशुपालन विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- अस्पतालों में ‘आइसोलेशन वार्ड’ और प्रोटोकॉल- संभावित मामलों से निपटने के लिए प्रमुख सरकारी अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे मरीजों से उनकी ‘ट्रैवल हिस्ट्री’ जरूर पूछें, ताकि निपाह के संदिग्ध मामलों को सामान्य फ्लू से अलग किया जा सके।
आम जनता के लिए म्यांमार सरकार की अपील?
सरकार ने जनता से पैनिक न होने, बल्कि सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से उन फलों के सेवन से बचने की सलाह दी गई है जिन पर दांतों के निशान हों या जो जमीन पर गिरे हों। साथ ही, बीमार व्यक्तियों के संपर्क में आने पर मास्क पहनने और हाथों की स्वच्छता (Hygiene) का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।


