सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के पटोरी वार्ड नंबर 06 में जमीनी विवाद को लेकर एक चाचा ने अपनी 18 वर्षीय भतीजी की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के पीछे जला दिया गया। मृतका की पहचान मनोज भगत की पुत्री संध्या कुमारी के रूप में हुई है। इसको लेकर मृतका की मां ने डीआईजी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने आवेदन को संबंधित थाने को भेज कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। मृतका की माँ मीना देवी द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, उनके देवर अमरेंद्र कुमार भगत (उर्फ अमरनाथ भगत) के साथ जमीन बंटवारे को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। जब उनकी बेटी संध्या घर की छत पर पढ़ाई कर रही थी, तभी आरोपी अमरेंद्र और उसकी पत्नी मधु देवी वहां पहुंचे। गड्ढा खोदकर शव को जला दिया गया
आरोप है कि दोनों ने मिलकर संध्या के गले में रस्सी का फंदा डालकर उसकी हत्या कर दी। जब संध्या के माता-पिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आस-पड़ोस के कुछ लोगों और गोतिया के सहयोग से घर के पीछे गड्ढा खोदकर शव को जला दिया गया, ताकि सारे सबूत मिटाए जा सकें। पीड़ित मां मीना देवी ने बताया कि मारपीट के दौरान वे बुरी तरह घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए पीएचसी बिहरा में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें उनके मायके (शाहपुर, सोनवर्षा राज) भेज दिया गया। बेटी की हत्या कर शव को जला दिया गया
उन्हें बताया गया था कि संध्या का इलाज सहरसा में चल रहा है। करीब दो-तीन दिन बाद उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को जला दिया गया है। इस घटना को लेकर मंगलवार को पीड़ित मीना देवी ने कोशी प्रमंडल के डीआईजी से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बिहरा थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा ने बताया कि आवेदन के आलोक में मामले की जांच की जा रही है। सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के पटोरी वार्ड नंबर 06 में जमीनी विवाद को लेकर एक चाचा ने अपनी 18 वर्षीय भतीजी की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के पीछे जला दिया गया। मृतका की पहचान मनोज भगत की पुत्री संध्या कुमारी के रूप में हुई है। इसको लेकर मृतका की मां ने डीआईजी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने आवेदन को संबंधित थाने को भेज कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। मृतका की माँ मीना देवी द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, उनके देवर अमरेंद्र कुमार भगत (उर्फ अमरनाथ भगत) के साथ जमीन बंटवारे को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। जब उनकी बेटी संध्या घर की छत पर पढ़ाई कर रही थी, तभी आरोपी अमरेंद्र और उसकी पत्नी मधु देवी वहां पहुंचे। गड्ढा खोदकर शव को जला दिया गया
आरोप है कि दोनों ने मिलकर संध्या के गले में रस्सी का फंदा डालकर उसकी हत्या कर दी। जब संध्या के माता-पिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आस-पड़ोस के कुछ लोगों और गोतिया के सहयोग से घर के पीछे गड्ढा खोदकर शव को जला दिया गया, ताकि सारे सबूत मिटाए जा सकें। पीड़ित मां मीना देवी ने बताया कि मारपीट के दौरान वे बुरी तरह घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए पीएचसी बिहरा में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें उनके मायके (शाहपुर, सोनवर्षा राज) भेज दिया गया। बेटी की हत्या कर शव को जला दिया गया
उन्हें बताया गया था कि संध्या का इलाज सहरसा में चल रहा है। करीब दो-तीन दिन बाद उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को जला दिया गया है। इस घटना को लेकर मंगलवार को पीड़ित मीना देवी ने कोशी प्रमंडल के डीआईजी से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बिहरा थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा ने बताया कि आवेदन के आलोक में मामले की जांच की जा रही है।


