राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सीपीआई (माओवादी) से जुड़े वर्ष 2021 के एक गंभीर साजिश मामले में गुरुवार को एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला मगध जोन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) को दोबारा मजबूत करने की कोशिशों से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदन कुमार के रूप में हुई है, जिसे एनआईए ने मुंबई से पकड़ा गया। बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी चंदन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था और संगठन के लिए फंड जुटाने, पुराने कैडरों को फिर से सक्रिय करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था। इससे पहले एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने चंदन को फरार घोषित किया था और अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ़ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। एनआईए रांची ने इस मामले में दिसंबर 2021 में केस दर्ज किया था। इस केस में स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य प्रद्युमन शर्मा, योगेंद्र रविदास, हथियारबंद कैडर नागेंद्र गिरि, अभिनव उर्फ गौरव उर्फ बिट्टू, और संगठन के लिए हथियार सप्लायर धनंजय पासवान को आरोपी बनाया गया था। आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने की बनाई गई थी योजना : जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मगध जोन को पुनर्जीवित करने के लिए साजिश रची थी। इसके तहत हथियार और गोला-बारूद की खरीद, कैडरों को आईईडी बनाने की ट्रेनिंग देने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने की योजना बनाई गई। इसके लिए ठेकेदारों से जबरन वसूली और लेवी की गई और एकत्रित धन को अलग-अलग माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपने रिवाइवल एजेंडे के तहत विभिन्न जेलों में बंद नक्सलियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स से संपर्क कर आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई थी। जांच पूरी होने के बाद एनआईए ने सभी 5 आरोपियों के खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि चंदन कुमार की तलाश जारी थी। अब उसकी गिरफ्तारी के साथ ही एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच आगे बढ़ा रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सीपीआई (माओवादी) से जुड़े वर्ष 2021 के एक गंभीर साजिश मामले में गुरुवार को एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला मगध जोन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) को दोबारा मजबूत करने की कोशिशों से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदन कुमार के रूप में हुई है, जिसे एनआईए ने मुंबई से पकड़ा गया। बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी चंदन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था और संगठन के लिए फंड जुटाने, पुराने कैडरों को फिर से सक्रिय करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था। इससे पहले एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने चंदन को फरार घोषित किया था और अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ़ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। एनआईए रांची ने इस मामले में दिसंबर 2021 में केस दर्ज किया था। इस केस में स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य प्रद्युमन शर्मा, योगेंद्र रविदास, हथियारबंद कैडर नागेंद्र गिरि, अभिनव उर्फ गौरव उर्फ बिट्टू, और संगठन के लिए हथियार सप्लायर धनंजय पासवान को आरोपी बनाया गया था। आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने की बनाई गई थी योजना : जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मगध जोन को पुनर्जीवित करने के लिए साजिश रची थी। इसके तहत हथियार और गोला-बारूद की खरीद, कैडरों को आईईडी बनाने की ट्रेनिंग देने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने की योजना बनाई गई। इसके लिए ठेकेदारों से जबरन वसूली और लेवी की गई और एकत्रित धन को अलग-अलग माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपने रिवाइवल एजेंडे के तहत विभिन्न जेलों में बंद नक्सलियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स से संपर्क कर आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई थी। जांच पूरी होने के बाद एनआईए ने सभी 5 आरोपियों के खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि चंदन कुमार की तलाश जारी थी। अब उसकी गिरफ्तारी के साथ ही एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच आगे बढ़ा रही है।


