होली के त्योहार में घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने बड़ी राहत दी है। रेलवे ने फिलहाल चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की है, जो फरवरी से मार्च के अंत तक विभिन्न दिनों में चलेंगी। ये ट्रेनें खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए राहत लेकर आई हैं। NFR के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यात्रियों की मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में और भी विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। उनका कहना है कि होली सीजन में ट्रेनों की मांग कई गुना बढ़ जाती है, ऐसे में इन स्पेशल सेवाओं से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में सहूलियत मिलेगी। 17 फरवरी से मार्च अंत तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें रेलवे ने जिन 4 जोड़ी ट्रेनों की घोषणा की है, वे 17 फरवरी से अप्रैल के पहले सप्ताह तक विभिन्न तिथियों में चलेंगी। इससे बिहार और पूर्वोत्तर के बीच कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी। नीचे चारों प्रमुख स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत शेड्यूल दिया गया है। डिब्रूगढ़–झंझारपुर स्पेशल (05974/05973) नए गलगलिया–अररिया रेलखंड से गुजरेगी। यह ट्रेन पहली बार नए गलगलिया–अररिया रेलखंड से होकर चलेगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसका शेड्यूल डिब्रूगढ़ से हर मंगलवार, 17 फरवरी से 31 मार्च तक सुबह 05:20 बजे तक चलेगी। वहीं, झंझारपुर से हर बुधवार, 18 फरवरी से 1 अप्रैल तक वापसी में चलेगी। दोनों दिशाओं में 7-7 फेरे लिए जाएंगे। वहीं, कटिहार–अमृतसर स्पेशल (05736/05735) बिहार-पंजाब यात्रा को आसान बनाएगी। यह ट्रेन त्योहारी सीजन में बिहारी प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इसका शेड्यूल कटिहार से हर बुधवार, 18 फरवरी से 25 मार्च तक रात 21:00 बजे चलेगी। वहीं, अमृतसर से हर शुक्रवार, 20 फरवरी से 27 मार्च तक वापसी में चलेगी। नारंगी–गोरखपुर स्पेशल (05633/05634) पूर्वोत्तर–उत्तर प्रदेश के बीच मजबूत कनेक्टिविटी के बीच चलेगी। यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत और उत्तर प्रदेश के बीच होली के समय सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगी। इसका शेड्यूल नारंगी से हर गुरुवार, 19 फरवरी से 26 मार्च तक दोपहर 13:20 बजे प्रस्थान करेगी। वहीं, गोरखपुर से हर शुक्रवार, 20 फरवरी से 27 मार्च तक वापसी करेगी। डिब्रूगढ़–कोलकाता स्पेशल (05932/05931) बंगाल–असम यात्रियों के लिए राहत रहेगी। घने रूट पर चलने वाली यह ट्रेन सीमित फेरों के साथ शुरू की जा रही है, जिसे बाद में बढ़ाया भी जा सकता है। इसका शेड्यूल डिब्रूगढ़ से प्रस्थान हर शनिवार, 21 फरवरी से शाम 17:00 बजे करेगी। वहीं, कोलकाता से हर सोमवार को वापसी करेगी। ये 3-3 निर्धारित फेरे में चलेगी। होली स्पेशल ट्रेनों की संख्या 1410 के पार रेलवे की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे देश में 1410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेनों की योजना बनाई गई है। इसमें NFR की ये चार जोड़ी ट्रेनें पूर्व भारत के यात्रियों की विशेष जरूरतों को पूरा करेंगी। रेलवे यात्रियों से आग्रह कर रहा है कि वे समय रहते टिकट बुक कर लें, क्योंकि त्योहारी सीजन में कंफर्म बर्थ जल्दी भर जाती है। इसके लिए IRCTC ऐप और रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट सबसे सुरक्षित और तेज विकल्प हैं। यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का भरोसा रेलवे प्रशासन का कहना है कि त्योहारी भीड़ को संभालने के लिए सभी जोन में अतिरिक्त स्टाफ, सुरक्षा बल और तकनीकी टीमें तैनात की जा रही हैं। NFR की ओर से चलाई जा रही यह पहल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समय पर यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। होली के त्योहार में घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने बड़ी राहत दी है। रेलवे ने फिलहाल चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की है, जो फरवरी से मार्च के अंत तक विभिन्न दिनों में चलेंगी। ये ट्रेनें खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए राहत लेकर आई हैं। NFR के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यात्रियों की मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में और भी विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। उनका कहना है कि होली सीजन में ट्रेनों की मांग कई गुना बढ़ जाती है, ऐसे में इन स्पेशल सेवाओं से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में सहूलियत मिलेगी। 17 फरवरी से मार्च अंत तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें रेलवे ने जिन 4 जोड़ी ट्रेनों की घोषणा की है, वे 17 फरवरी से अप्रैल के पहले सप्ताह तक विभिन्न तिथियों में चलेंगी। इससे बिहार और पूर्वोत्तर के बीच कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी। नीचे चारों प्रमुख स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत शेड्यूल दिया गया है। डिब्रूगढ़–झंझारपुर स्पेशल (05974/05973) नए गलगलिया–अररिया रेलखंड से गुजरेगी। यह ट्रेन पहली बार नए गलगलिया–अररिया रेलखंड से होकर चलेगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसका शेड्यूल डिब्रूगढ़ से हर मंगलवार, 17 फरवरी से 31 मार्च तक सुबह 05:20 बजे तक चलेगी। वहीं, झंझारपुर से हर बुधवार, 18 फरवरी से 1 अप्रैल तक वापसी में चलेगी। दोनों दिशाओं में 7-7 फेरे लिए जाएंगे। वहीं, कटिहार–अमृतसर स्पेशल (05736/05735) बिहार-पंजाब यात्रा को आसान बनाएगी। यह ट्रेन त्योहारी सीजन में बिहारी प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इसका शेड्यूल कटिहार से हर बुधवार, 18 फरवरी से 25 मार्च तक रात 21:00 बजे चलेगी। वहीं, अमृतसर से हर शुक्रवार, 20 फरवरी से 27 मार्च तक वापसी में चलेगी। नारंगी–गोरखपुर स्पेशल (05633/05634) पूर्वोत्तर–उत्तर प्रदेश के बीच मजबूत कनेक्टिविटी के बीच चलेगी। यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत और उत्तर प्रदेश के बीच होली के समय सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगी। इसका शेड्यूल नारंगी से हर गुरुवार, 19 फरवरी से 26 मार्च तक दोपहर 13:20 बजे प्रस्थान करेगी। वहीं, गोरखपुर से हर शुक्रवार, 20 फरवरी से 27 मार्च तक वापसी करेगी। डिब्रूगढ़–कोलकाता स्पेशल (05932/05931) बंगाल–असम यात्रियों के लिए राहत रहेगी। घने रूट पर चलने वाली यह ट्रेन सीमित फेरों के साथ शुरू की जा रही है, जिसे बाद में बढ़ाया भी जा सकता है। इसका शेड्यूल डिब्रूगढ़ से प्रस्थान हर शनिवार, 21 फरवरी से शाम 17:00 बजे करेगी। वहीं, कोलकाता से हर सोमवार को वापसी करेगी। ये 3-3 निर्धारित फेरे में चलेगी। होली स्पेशल ट्रेनों की संख्या 1410 के पार रेलवे की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे देश में 1410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेनों की योजना बनाई गई है। इसमें NFR की ये चार जोड़ी ट्रेनें पूर्व भारत के यात्रियों की विशेष जरूरतों को पूरा करेंगी। रेलवे यात्रियों से आग्रह कर रहा है कि वे समय रहते टिकट बुक कर लें, क्योंकि त्योहारी सीजन में कंफर्म बर्थ जल्दी भर जाती है। इसके लिए IRCTC ऐप और रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट सबसे सुरक्षित और तेज विकल्प हैं। यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का भरोसा रेलवे प्रशासन का कहना है कि त्योहारी भीड़ को संभालने के लिए सभी जोन में अतिरिक्त स्टाफ, सुरक्षा बल और तकनीकी टीमें तैनात की जा रही हैं। NFR की ओर से चलाई जा रही यह पहल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समय पर यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


