संभल में सैयद सलाल मसूद गाजी की याद में लगने वाला तीन दिवसीय नेजा मेला इस साल भी आयोजित नहीं हो सका। प्रशासन की सख्ती के कारण लगातार तीसरे वर्ष यह मेला नहीं लगा, हालांकि लोग जियारत करने के लिए बादल गुंबद पहुंचे। यह मेला संभल तहसील के थाना नखासा क्षेत्र के गांव बादल गुंबद में आयोजित होता था। पहले यहां करीब 1500 दुकानें और 100 से अधिक झूले लगते थे, जहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते थे। मेले की अनुमति को लेकर मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। दुकानदार अख्तर ने बताया कि वह पिछले 20-25 सालों से बादल गुंबद पर दुकान लगाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘पहले नेजा मेला लगता था, लेकिन अब 5-6 साल से नहीं हो रहा है। हमें हर साल 1000-1500 रुपये का फायदा होता था, जो अब खत्म हो गया है। अब मुश्किल से 2000 रुपये की दुकानदारी हो पाती है।’ वह गुरुवार को भी कुछ खिलौने लेकर बैठे थे, जिस दिन मेले का समापन होता था। गांव भारतल सिरसी निवासी 51 वर्षीय रईस अहमद ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही बादल गुंबद पर नेजा मेला लगते देखा है। उन्होंने कहा, ‘यह पिछले तीन साल से हो रहा है कि इस सरकार में नेजा नहीं होने दिया जा रहा है। यह सरकार और प्रशासन का मामला है, और कोई परेशानी नहीं है।’ रईस अहमद ने यह भी कहा कि ‘बस मुसलमानों से थोड़ी खुन्नस है और क्या है, लोग चाह रहे मुसलमानों का कोई त्यौहार ना हो।’ उन्होंने बताया कि मेले से दुकानदार और बच्चे सभी लाभान्वित होते थे।


