जेपी गंगा पथ पर लगे नए डिजाइन के फूड कार्ट्स:जयपुर-इंदौर की तर्ज पर नए लुक में तैयार फैब्रिकेटेड शॉप, दुकानों के चयन की प्रक्रिया तेज

जेपी गंगा पथ पर लगे नए डिजाइन के फूड कार्ट्स:जयपुर-इंदौर की तर्ज पर नए लुक में तैयार फैब्रिकेटेड शॉप, दुकानों के चयन की प्रक्रिया तेज

जेपी गंगा पथ पर पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों को हटा दिया गया है। उसकी जगह पर अब नए डिजाइन के फूड कार्ट्स को लगाया गया है। पटना नगर निगम और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से जयपुर और इंदौर मॉडल की तर्ज पर दुकानों को विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। अब गंगा पथ पर नई और अधिक आकर्षक डिजाइन की दुकानों की स्थापना की जाएगी। फिलहाल 3 नए डिजाइन की कुछ दुकानों को सैंपल के तौर पर लगाया गया है, लेकिन अंतिम डिजाइन अभी फाइनल होना बाकी है। अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को किया खारिज सीएम हाउस से पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों के डिजाइन को चेंज करने का निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को खारिज कर दिया था। बताया गया कि पहले लगाए गए स्टॉल में कई खामियां पाई गई हैं। इससे स्टॉल संचालकों के साथ ही ग्राहकों को काफी दिक्कत होती। ऐसे में डिजाइन को बदलने का निर्णय लेना पड़ा। इन बने हुए फैब्रिकेटेड दुकानों को लेने के लिए जीविका ने लेटर लिखकर प्रस्ताव दिया है। हालांकि, पटना स्मार्ट सिटी यह दुकान जीविका को देगी, किसी अन्य विभाग को आवंटित करेगी या फिर खुद ही इससे रेवेन्यू जेनरेट करेगी, इन सभी बातों पर बोर्ड की बैठक में चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। आवंटन के लिए 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था गंगा पथ के दीघा गोलंबर के पास लंबे समय से स्टॉल लगाने वाले वेंडरों की पहचान की जा चुकी थी। 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था। इन वेंडरों को प्राथमिकता के आधार पर स्टॉल दिए जाते। उसके बाद जो स्टॉल बचते, उनके आवंटन के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाती। तीन आकार में दुकानें डिजाइन की गई थी। प्रत्येक दुकान में बेसिन, स्लैब, एग्जॉस्ट फैन, लाइट, इलेक्ट्रिक बोर्ड और अन्य जरूरी सुविधाएं दी गई थी। करीब 15.45 करोड़ रुपए की लागत से इन दुकानों को तैयार किया जा रहा था। जेपी गंगा पथ पर पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों को हटा दिया गया है। उसकी जगह पर अब नए डिजाइन के फूड कार्ट्स को लगाया गया है। पटना नगर निगम और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से जयपुर और इंदौर मॉडल की तर्ज पर दुकानों को विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। अब गंगा पथ पर नई और अधिक आकर्षक डिजाइन की दुकानों की स्थापना की जाएगी। फिलहाल 3 नए डिजाइन की कुछ दुकानों को सैंपल के तौर पर लगाया गया है, लेकिन अंतिम डिजाइन अभी फाइनल होना बाकी है। अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को किया खारिज सीएम हाउस से पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों के डिजाइन को चेंज करने का निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को खारिज कर दिया था। बताया गया कि पहले लगाए गए स्टॉल में कई खामियां पाई गई हैं। इससे स्टॉल संचालकों के साथ ही ग्राहकों को काफी दिक्कत होती। ऐसे में डिजाइन को बदलने का निर्णय लेना पड़ा। इन बने हुए फैब्रिकेटेड दुकानों को लेने के लिए जीविका ने लेटर लिखकर प्रस्ताव दिया है। हालांकि, पटना स्मार्ट सिटी यह दुकान जीविका को देगी, किसी अन्य विभाग को आवंटित करेगी या फिर खुद ही इससे रेवेन्यू जेनरेट करेगी, इन सभी बातों पर बोर्ड की बैठक में चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। आवंटन के लिए 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था गंगा पथ के दीघा गोलंबर के पास लंबे समय से स्टॉल लगाने वाले वेंडरों की पहचान की जा चुकी थी। 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था। इन वेंडरों को प्राथमिकता के आधार पर स्टॉल दिए जाते। उसके बाद जो स्टॉल बचते, उनके आवंटन के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाती। तीन आकार में दुकानें डिजाइन की गई थी। प्रत्येक दुकान में बेसिन, स्लैब, एग्जॉस्ट फैन, लाइट, इलेक्ट्रिक बोर्ड और अन्य जरूरी सुविधाएं दी गई थी। करीब 15.45 करोड़ रुपए की लागत से इन दुकानों को तैयार किया जा रहा था।  

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