कानपुर। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर देर रात एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। रेलवे स्टाफ की सतर्कता से बच्ची को तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई,जिससे उसकी जान बच सकी। प्राथमिक जांच में बच्ची की सांसें चलती पाई गईं। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सूचना देकर उसे हैलट अस्पताल भेजा गया,जहां उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की हालत अब स्थिर है।
गश्त के दौरान मिली दिखाई पड़ी नवजात –
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, गश्त के दौरान प्लेटफॉर्म 2/3 पर बेंच के पास लाल रंग की चादर में लिपटी नवजात बच्ची दिखाई दी। आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई यह नहीं बता सका कि बच्ची किसकी है। इसी दौरान कुछ वेंडरों ने जानकारी दी कि एक महिला पुल से उतरकर प्लेटफॉर्म पर आई थी। महिला ने बच्ची को वहीं जमीन पर लिटाया, कुछ देर खड़ी रही और करीब दस मिनट बाद वहां से चली गई।
प्री-मेच्योर है बच्ची –
सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित इमरजेंसी मेडिकल रूम (ईएमआर) के कर्मियों को मौके पर बुलाया। नर्स द्वारा की गई जांच में बच्ची की धड़कन पाई गई। इसके बाद आरपीएफ को सूचित कर एंबुलेंस के जरिए बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची प्री-मेच्योर है और प्रतीत होता है कि जन्म के तुरंत बाद ही उसे स्टेशन पर छोड़ दिया गया।
देखें जा रहे हैं सीसीटीवी फुटेज –
पुलिस का कहना है कि स्टेशन के आसपास कई निजी अस्पताल संचालित हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी निजी अस्पताल में जन्म के बाद बच्ची को यहां छोड़ा गया हो। मामले की जांच की जा रही है। स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बच्ची को छोड़ने वाली महिला की पहचान की जा सके।
जल्द ही लगा लिया जाएगा पता –
आरपीएफ प्रभारी एस.एन. पाटीदार ने बताया कि फिलहाल सीसीटीवी में बच्ची को छोड़ते हुए कोई स्पष्ट रूप में सामने नहीं आया है। जांच जारी है। समय रहते सूचना और त्वरित कार्रवाई से नवजात को उपचार मिल सका, जिससे उसकी जान बच गई है। जल्द ही बच्ची को छोड़ने वाले का पता लगा लिया जाएगा।


