भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना और रजिस्ट्री कराना आने वाले समय में और महंगा पड़ सकता है। नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होते ही पंजीयन विभाग के अफसरों ने रेट बढ़ाने का नया तरीका निकाल लिया है। इस बार सीधे रेट बढ़ाने की बजाय शहर की 500 से ज्यादा लोकेशन को आपस में मर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव को लेकर उपमूल्यांकन समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकिया ने सवाल खड़े किए हैं। अफसरों से ठोस तर्क के साथ दोबारा प्रस्ताव लाने को कहा है। आम पर असर: घर-प्लॉट खरीदना और महंगा हो जाएगा
उदाहरण के तौर पर किस तरह से अफसर लोकेशन को मर्ज करने की बात कह रहे हैं इसका असर क्या होगा जानिए:
वार्ड नंबर 80 ग्राम अकबरपुर का रेट 18000 हजार रु प्रति वर्ग मीटर यानी (1672 रु प्रति वर्ग फीट) है। जबकि उसी के पास की कॉलोनी का रेट 15 हजार ( 1394 रु प्रति वर्ग फीट ) से लेकर 16 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर (1486 रु प्रति वर्ग फीट ) है। यानी आसपास की कॉलोनियों में ही प्रति वर्ग फीट के रेट 278 रु से लेकर 186 रु से प्रति वर्ग फीट का अंतर बताया जा रहा है। कुछ इस तरह के उदाहरण देकर लोकेशन को मर्ज करने की तैयारी चल रही है।


