मिर्जापुर में मंडल मुख्यालय पर बढ़ती जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित माँ विंध्यवासिनी सभागार में एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन, पुलिस कर्मियों की तैनाती और जाम की समस्या के स्थायी समाधान पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए निर्धारित योजना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यातायात व्यवस्था की निगरानी और संचालन शहर को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से प्रशासन ने 8 प्रमुख मार्गों की पहचान की है। जिनकी कुल लंबाई लगभग 19.7 किलोमीटर है। इन प्रत्येक मार्ग पर एक-एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (TSI) को प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये टीएसआई अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था की निगरानी और संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे। चिन्हित किए गए मार्गों में खंजाची रोड (वासलीगंज से रतनगंज फ्लाईओवर तक), तहसील रोड (तहसील चौराहा से गुरहट्टी तिराहा तक), इमामबाड़ा रोड (मुकेरी बाजार से जाह्नवी तिराहा तक), एनएच-135ए (नटवा तिराहा से पुराना बाड़ा चील्ह तक), जेल रोड (बरौधा से संगमोहाल तक), पुलिस लाइन रोड (रोडवेज तिराहा से घोड़े शहीद तक), स्टेट हाईवे-5/एनएच-35 (मुहकोचवा से नवीन सब्जी मंडी तक) और त्रिमुहानी रोड (नवीन तिराहा से कचहरी पेट्रोल पंप तक) शामिल हैं। संवेदनशील चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस तैनात बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संवेदनशील चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित ढंग से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी टीएसआई को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लेने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने पर भी जोर दिया। इस नई यातायात योजना के सफल क्रियान्वयन और जन सहयोग से शहरवासियों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।


