बक्सर में देश की सुरक्षा में तैनात रहने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के सम्मान में एक नई पहल शुरू की गई है। अब जिले के जो भी जवान सेवा से सेवानिवृत्त होकर अपने गांव लौटेंगे, उनका स्टेशन पर स्वागत किया जाएगा और ढोल-नगाड़ों के साथ सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त जवानों को सामाजिक सम्मान दिलाना और उनकी सेवा को पहचान देना है। इस नई परंपरा के बारे में जानकारी देते हुए बेचनपुरवा निवासी सीआरपीएफ जवान लाल साहब ने बताया कि जिले के सभी जवानों ने मिलकर एक समूह बनाया है। इस समूह में वे हर महीने अपने वेतन से कुछ राशि जमा करते हैं। पहले इस फंड का उपयोग शहीद परिवारों की मदद के लिए किया जाता था, लेकिन अब जवानों ने तय किया है कि सेवानिवृत्त होकर लौटने वाले साथियों का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाएगा। सीआरपीएफ जवान सुदर्शन ठाकुर का स्वागत किया
लाल साहब ने कहा, “जब हमारा जवान देश की सेवा करके घर लौटता है, तो उसे एक सम्मान भरी जिंदगी मिलनी चाहिए। समाज को यह पता चलना चाहिए कि यह वही व्यक्ति है जिसने वर्षों तक देश की सुरक्षा की है।” इसी क्रम में मंगलवार को बक्सर स्टेशन पर सेवानिवृत्त सीआरपीएफ जवान सुदर्शन ठाकुर का स्वागत किया गया। ग्राम गंगौली, पोस्ट सेमरी (जिला बक्सर) निवासी ठाकुर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में 35 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दी है। उन्होंने 01 मई 1991 को सीआरपीएफ जॉइन किया था और अपने कार्यकाल में देश के कई संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में तैनात रहे। ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया
उनकी अंतिम पोस्टिंग 36वीं बटालियन, ददम सर्कल, जिला तिरप (अरुणाचल प्रदेश) में थी, जहां उन्होंने पूरी निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद 03 फरवरी को जब वे बक्सर स्टेशन पहुंचे, तो सीआरपीएफ परिवार और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। स्टेशन का माहौल देशभक्ति के नारों और तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्हें सम्मानपूर्वक जुलूस के रूप में उनके घर तक छोड़ा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने भी जवान के प्रति गर्व और सम्मान व्यक्त किया। सीआरपीएफ परिवार बक्सर ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी इस तरह के स्वागत कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर जवानों का मनोबल ऊंचा बना रहे। यह पहल न सिर्फ जवानों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश है कि देश की रक्षा करने वालों को हमेशा आदर और पहचान मिलनी चाहिए। बक्सर में देश की सुरक्षा में तैनात रहने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के सम्मान में एक नई पहल शुरू की गई है। अब जिले के जो भी जवान सेवा से सेवानिवृत्त होकर अपने गांव लौटेंगे, उनका स्टेशन पर स्वागत किया जाएगा और ढोल-नगाड़ों के साथ सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त जवानों को सामाजिक सम्मान दिलाना और उनकी सेवा को पहचान देना है। इस नई परंपरा के बारे में जानकारी देते हुए बेचनपुरवा निवासी सीआरपीएफ जवान लाल साहब ने बताया कि जिले के सभी जवानों ने मिलकर एक समूह बनाया है। इस समूह में वे हर महीने अपने वेतन से कुछ राशि जमा करते हैं। पहले इस फंड का उपयोग शहीद परिवारों की मदद के लिए किया जाता था, लेकिन अब जवानों ने तय किया है कि सेवानिवृत्त होकर लौटने वाले साथियों का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाएगा। सीआरपीएफ जवान सुदर्शन ठाकुर का स्वागत किया
लाल साहब ने कहा, “जब हमारा जवान देश की सेवा करके घर लौटता है, तो उसे एक सम्मान भरी जिंदगी मिलनी चाहिए। समाज को यह पता चलना चाहिए कि यह वही व्यक्ति है जिसने वर्षों तक देश की सुरक्षा की है।” इसी क्रम में मंगलवार को बक्सर स्टेशन पर सेवानिवृत्त सीआरपीएफ जवान सुदर्शन ठाकुर का स्वागत किया गया। ग्राम गंगौली, पोस्ट सेमरी (जिला बक्सर) निवासी ठाकुर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में 35 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दी है। उन्होंने 01 मई 1991 को सीआरपीएफ जॉइन किया था और अपने कार्यकाल में देश के कई संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में तैनात रहे। ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया
उनकी अंतिम पोस्टिंग 36वीं बटालियन, ददम सर्कल, जिला तिरप (अरुणाचल प्रदेश) में थी, जहां उन्होंने पूरी निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद 03 फरवरी को जब वे बक्सर स्टेशन पहुंचे, तो सीआरपीएफ परिवार और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। स्टेशन का माहौल देशभक्ति के नारों और तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्हें सम्मानपूर्वक जुलूस के रूप में उनके घर तक छोड़ा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने भी जवान के प्रति गर्व और सम्मान व्यक्त किया। सीआरपीएफ परिवार बक्सर ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी इस तरह के स्वागत कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर जवानों का मनोबल ऊंचा बना रहे। यह पहल न सिर्फ जवानों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश है कि देश की रक्षा करने वालों को हमेशा आदर और पहचान मिलनी चाहिए।


