MP News: मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम पर्यावरण मामलों में उलझे भोपाल वेस्टर्न ग्रीनफील्ड बायपास (Bhopal Western Greenfield Bypaas) के किनारे टाउन प्लानिंग स्कीम विकसित करेगा। निजी फर्मों व ठेकेदारों की मदद से प्रोजेक्ट के किनारे जगह की तलाश की जा रही है। कंसल्टेंट नियुक्त कर 12 मार्च को कंसल्टेंट्स के साथ चर्चा के बाद प्रोजेक्ट पर काम बढ़ेगा।
बायपास के पास लगभग 7,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 7 संभावित स्थलों की पहचान की जाएगी। शुरुआती चरण में लगभग 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 5 पायलट स्कीम्स तैयार होगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य हाईवे कॉरिडोर के किनारे अनियंत्रित विकास रोकना और वहां नियोजित शहरी विकास, कमर्शियल हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और आवासीय क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। पूरी योजना और अध्ययन का काम 24 महीने के भीतर पूरा होगा। इस योजना से न केवल भोपाल के बाहरी इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
निजी इन्वेस्टर और डेवलपर्स के लिए मौका
योजना के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पूरा प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए सरकार के विशेष क्षेत्र विकास पॉलिसी की मदद ली जाएगी। तय नियमों में निजी व सरकारी भागीदारी के आधार पर ये विशेष क्षेत्र तैयार होंगे। इसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स विकसित करने की संभावना तलाशेंगे।
निजी डेवलपर्स को प्रवेश कराने से बनेगी परेशानियां
वेस्टर्न ग्रीनफील्ड बायपास वनक्षेत्र की वजह से संवेदनशील है। यहां निजी डेवलपर्स को प्रवेश कराने से परेशानियां बनेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में निजी भागीदारी में किसी बड़े रसूखदार को वन व पास के ग्रामीण क्षेत्र की महत्वपूर्ण जमीन पर कब्जा कराने की कोशिश हो सकती है। (MP News)
शासन की योजना के तहत होगा काम
शासन की योजना के तहत काम हो रहा है। हाइवे से शहरी कनेक्टिविटी बेहतर करने व मुख्य रास्तों से आबादी को जोड़ने के लिए काम होगा। – भरत यावव, एमडी एमपीआरडीसी


