नागौर जिले के रियांबड़ी में किसानों का आंदोलन आज निर्णायक और उग्र मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 8 दिनों से जारी धरने को ‘महापड़ाव’ में बदलते हुए नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन को सवा चार बजे तक का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है। बेनीवाल ने दो टूक शब्दों में ऐलान किया है कि यदि निर्धारित समय में मांगें नहीं मानी गईं, तो आज ही हाईवे कूच किया जाएगा और चक्का जाम शुरू कर दिया जाएगा। रणनीति तैयार इशारा मिलते ही हाईवे पर कूच: बेनीवाल सांसद बेनीवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। अधिकारियों ने मंगलवार (आज) तक का समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। बेनीवाल ने समर्थकों से कहा है कि रणनीति तैयार है और इशारा मिलते ही हाईवे की तरफ कूच किया जाएगा। इस ऐलान के बाद आसपास के हाईवे पर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। देखें तस्वीरें… इन 6 मांगों पर अड़ा है महापड़ाव: अवैध बजरी खनन: बजरी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अवैध खनन पर रोक। फसल बीमा: किसानों के बकाया बीमा क्लेम का तत्काल भुगतान। रेलवे लाइन: पुष्कर-मेड़ता-रास रेलवे लाइन के काम में तेजी। बिजली दरें: हाई टेंशन लाइन की बढ़ी हुई दरों से राहत। मुकदमे वापसी: किसानों पर दर्ज राजनीतिक मुकदमों को रद्द करना। मौके पर भारी पुलिस बल, छावनी बना क्षेत्र सांसद के कड़े रुख और आज ही चक्का जाम की चेतावनी के बाद रियांबड़ी को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। 10 थानों का पुलिस जाप्ता मौके पर मुस्तैद है। धरने पर नारायण बेनीवाल, इंदिरा देवी बावरी और दिलीप सिंह सहित कई पूर्व विधायक और दिग्गज नेता डटे हुए हैं।


