जयपुर। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट भाषण में खेलों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। प्रदेश में खेलों को नई दिशा देने और खेल ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, जिसके तहत स्टेडियम निर्माण, ओपन जिम की स्थापना और खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए कुल 215 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
खेल स्टेडियमों और अकादमियों की गुणवत्ता सुधारने के लिए PPP मोड, प्राइवेट भागीदारी और CSR के माध्यम से काम किया जाएगा। इसके साथ ही खेल उपकरण, प्रशिक्षण व्यवस्था और खेल मैदानों की स्थिति को बेहतर बनाया जाएगा।
SPEED प्लेटफॉर्म से मिलेगी खिलाड़ियों को मदद
राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए SPEED (Sports Performance Enhancement and Efficiency Development) नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों की क्षमता और प्रगति को आसानी से मापा जा सकेगा। यह आधुनिक तकनीक खेल विकास में नया अध्याय जोड़ेगी।
प्रमुख शहरों में विश्वस्तरीय सुविधाएं
जैसलमेर-पोकरण में 30 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर हॉल, सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल बनाए जाएंगे। भरतपुर में 15 करोड़ रुपये से बैडमिंटन, टेनिस, क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल सुविधाएं विकसित होंगी। चित्तोड़गढ़ के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 10 करोड़ रुपये का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तैयार होगा। नाथद्वारा में राणा पुंजा जनजातीय खेल अकादमी के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
बनाए जाएंगे नए स्टेडियम
प्रदेश के ब्यावर, कोटपूतली- बहरोड़, बासवाड़ा, डीग, चित्तौड़गढ़, जालोर, राजसमंद, झुंझुनूं, करौली, कोटा, सीकर और बारां में नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। जयपुर चित्रकूट स्टेडियम और ब्यावर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान स्टेडियम में विकास कार्य होंगे। इसके साथ ही कई पुराने स्टेडियमों का पुनर्विकास भी किया जाएगा।
गांवों में खुलेंगे ओपन जिम
ग्रामीण युवाओं के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। 2500 से अधिक ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से ओपन जिम और खेल मैदान बनाए जाएंगे। इससे गांव के नौजवानों को खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय, जयपुर में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। ‘खेलो राजस्थान यूथ गेम्स’ के लिए अगले साल 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता में प्रति खेल देय राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए की जाएगी।


