हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) महेंद्रगढ़ के फार्मास्यूटिकल साइंस विभाग को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एम.फार्म (फार्मास्यूटिक्स) में नई स्नातकोत्तर विशेषज्ञता शुरू करने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से मंजूरी मिल गई है। कार्यक्रम में 15 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। पीसीआई ने यह स्वीकृति 1 मार्च 2026 को जारी निर्णय पत्र के माध्यम से प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एम.फार्म (फार्माकोलॉजी) में 12 सीटों और एम.फार्म (फार्माकोग्नोसी) में 6 सीटों के लिए भी निरंतर स्वीकृति मिली है। प्रशासनिक नेतृत्व के प्रयासों की सराहना इस अवसर पर विभाग को बधाई देते हुए कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि यह नया कार्यक्रम विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण फार्मास्यूटिकल शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य एवं औषधि उद्योग के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कुलपति ने विभाग के टीचरों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और प्रशासनिक नेतृत्व के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके सामूहिक प्रयासों से नियामक प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई और पीसीआई से यह स्वीकृति प्राप्त हुई। अध्ययन-अनुसंधान को मजबूती मिलेगी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए औषधि विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. विपन कुमार परिहार ने बताया कि फार्मास्यूटिक्स विशेषज्ञता के शुरू होने से औषधि निर्माण (ड्रग फॉर्मुलेशन) और आधुनिक ड्रग डिलीवरी सिस्टम जैसे क्षेत्रों में उन्नत अध्ययन तथा अनुसंधान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने स्वीकृति को प्राप्त करने में प्रो. टंकेशवर कुमार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस नई विशेषज्ञता के साथ, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय का औषधि विज्ञान विभाग क्षेत्र में उन्नत औषधीय शिक्षा और अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है।


