Railway Line Construction: इंदौर शहर का ‘डेड एंड’ खत्म करने के उद्देश्य से वर्षों से लंबित इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना पर काम अब तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के इंदौर-धार खंड का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। पहले फरवरी तक ट्रायल रन का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर मार्च के अंत तक कर दिया गया है। निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण की मंजूरी मिलते ही धार तक ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी है। (MP News)
धार को मिलेगी पहली ट्रेन सेवा
धार क्षेत्र में अब तक रेल सुविधा नहीं है, जिससे लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीथमपुर, सागौर, गुणावद और टीही में स्टेशन भवन और पटरियां बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। कुल 204.76 किमी लंबी इस परियोजना के लिए पिछले बजट में 1873.10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। धार तक बनने वाले 21 पुलों में से 19 का निर्माण पूरा हो चुका है। इस रेल लाइन से इंदौर का दाहोद और छोटा उदयपुर के माध्यम से मुंबई और गुजरात से सीधा जुड़ाव होगा। धार रेलवे स्टेशन को मांडू के जहाज महल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिससे यह आकर्षण का केंद्र बनेगा।
टीटीएम मशीन से तेजी
निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए टीटीएम (ट्रैक टैम्पिंग मशीन) का उपयोग किया जा रहा है। टीही के पास लगभग 3 किमी लंबी टनल का काम अंतिम चरण में है। मशीन के जरिए ट्रैक की पैकिंग कर पटरियों की समतलता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
काम की वर्तमान स्थिति
दाहोद से कटवाड़ा और इंदौर से टीही तक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टीही-धार, कटवाड़ा-झाबुआ और धार-झाबुआ खंडों में ट्रैक लिंकिंग, ओएचई, स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म और सिग्नलिंग का कार्य जारी है। इस परियोजना से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। (MP News)


