बक्सर स्टेशन पर अनारक्षित टिकट के लिए नई सुविधा:दानापुर मंडल ने ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन से टिकट देने की व्यवस्था की

बक्सर स्टेशन पर अनारक्षित टिकट के लिए नई सुविधा:दानापुर मंडल ने ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन से टिकट देने की व्यवस्था की

पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल ने बक्सर के रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल की है। अब बक्सर रेलवे स्टेशन सहित मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से राहत मिलने जा रही है। रेलवे प्रशासन ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के माध्यम से टिकट निर्गमन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए वेंडरों यानी समन्वयकों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत बक्सर रेलवे स्टेशन के लिए कुल तीन समन्वयकों का चयन किया जाएगा। चयनित समन्वयक यात्रियों को एटीवीएम मशीन के जरिए टिकट लेने में सहयोग करेंगे, मशीन के संचालन की जानकारी देंगे और स्टेशन परिसर में भीड़ नियंत्रण में भी सहायक भूमिका निभाएंगे। दो वर्षों का होगा कार्यकाल, बोनस से होगी आय रेलवे प्रशासन की ओर से बताया गया है कि चयनित समन्वयकों का कार्यकाल दो वर्षों का होगा। हालांकि रेलवे इन्हें कोई मासिक वेतन नहीं देगा, लेकिन स्मार्ट कार्ड रिचार्ज पर मिलने वाले बोनस के माध्यम से उनकी आय सुनिश्चित की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को तत्काल सहायता मिलेगी और एटीवीएम मशीनों का उपयोग भी बढ़ेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कई यात्री अभी भी तकनीकी जानकारी के अभाव में एटीवीएम का उपयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे में स्टेशन पर मौजूद समन्वयक उन्हें टिकट निकालने की पूरी प्रक्रिया समझाएंगे, जिससे काउंटर पर निर्भरता कम होगी। टिकट काउंटरों पर रहती थी भारी भीड़ अब तक बक्सर रेलवे स्टेशन पर विशेषकर भीड़भाड़ वाले दिनों, त्योहारों और सुबह-शाम के समय टिकट काउंटरों पर भारी भीड़ देखने को मिलती थी। यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कई बार अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती थी। लंबी कतारों के कारण कई यात्री समय पर टिकट नहीं ले पाते थे और मजबूरी में बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हो जाते थे। इससे न केवल जुर्माना लगने का खतरा बना रहता था, बल्कि यात्रियों के बीच तनाव और असुरक्षा की स्थिति भी पैदा हो जाती थी। ट्रेन आते ही मचती थी खलबली, दुर्घटना की आशंका यात्रियों के अनुसार, जब प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने की घोषणा होती थी, तो टिकट काउंटर पर खड़े यात्रियों में खलबली मच जाती थी। कई लोग लाइन तोड़कर भागने लगते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस अव्यवस्था में सबसे अधिक प्रभावित होते थे। इसके अलावा टिकट न मिल पाने के कारण कई यात्रियों को अपनी निर्धारित ट्रेन छोड़नी पड़ती थी और बाद की ट्रेन से यात्रा करनी पड़ती थी। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। एटीवीएम से मिलेगी बड़ी राहत अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा को प्रभावी ढंग से लागू किए जाने से यात्रियों को इन सभी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। एटीवीएम मशीनों से कम समय में टिकट मिल जाएगा, जिससे काउंटर पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि जैसे-जैसे यात्री एटीवीएम का उपयोग करना सीखेंगे, वैसे-वैसे स्टेशन परिसर में अव्यवस्था भी कम होगी और टिकट निर्गमन प्रणाली अधिक सुचारू बनेगी। यात्रियों ने फैसले का किया स्वागत बक्सर के नियमित रेल यात्रियों ने रेलवे की इस पहल का स्वागत किया है। यात्रियों का कहना है कि यदि एटीवीएम मशीनों का सही ढंग से संचालन हुआ और समन्वयकों ने सक्रिय भूमिका निभाई, तो स्टेशन पर टिकट को लेकर होने वाली परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बक्सर के यात्रियों को त्वरित, सुरक्षित और सुगम टिकट सुविधा मिलेगी। एटीवीएम मशीनों के जरिए टिकट लेना आसान होगा, जिससे स्टेशन परिसर में भीड़ कम होगी और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल ने बक्सर के रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल की है। अब बक्सर रेलवे स्टेशन सहित मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से राहत मिलने जा रही है। रेलवे प्रशासन ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के माध्यम से टिकट निर्गमन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए वेंडरों यानी समन्वयकों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत बक्सर रेलवे स्टेशन के लिए कुल तीन समन्वयकों का चयन किया जाएगा। चयनित समन्वयक यात्रियों को एटीवीएम मशीन के जरिए टिकट लेने में सहयोग करेंगे, मशीन के संचालन की जानकारी देंगे और स्टेशन परिसर में भीड़ नियंत्रण में भी सहायक भूमिका निभाएंगे। दो वर्षों का होगा कार्यकाल, बोनस से होगी आय रेलवे प्रशासन की ओर से बताया गया है कि चयनित समन्वयकों का कार्यकाल दो वर्षों का होगा। हालांकि रेलवे इन्हें कोई मासिक वेतन नहीं देगा, लेकिन स्मार्ट कार्ड रिचार्ज पर मिलने वाले बोनस के माध्यम से उनकी आय सुनिश्चित की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को तत्काल सहायता मिलेगी और एटीवीएम मशीनों का उपयोग भी बढ़ेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कई यात्री अभी भी तकनीकी जानकारी के अभाव में एटीवीएम का उपयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे में स्टेशन पर मौजूद समन्वयक उन्हें टिकट निकालने की पूरी प्रक्रिया समझाएंगे, जिससे काउंटर पर निर्भरता कम होगी। टिकट काउंटरों पर रहती थी भारी भीड़ अब तक बक्सर रेलवे स्टेशन पर विशेषकर भीड़भाड़ वाले दिनों, त्योहारों और सुबह-शाम के समय टिकट काउंटरों पर भारी भीड़ देखने को मिलती थी। यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कई बार अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती थी। लंबी कतारों के कारण कई यात्री समय पर टिकट नहीं ले पाते थे और मजबूरी में बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हो जाते थे। इससे न केवल जुर्माना लगने का खतरा बना रहता था, बल्कि यात्रियों के बीच तनाव और असुरक्षा की स्थिति भी पैदा हो जाती थी। ट्रेन आते ही मचती थी खलबली, दुर्घटना की आशंका यात्रियों के अनुसार, जब प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने की घोषणा होती थी, तो टिकट काउंटर पर खड़े यात्रियों में खलबली मच जाती थी। कई लोग लाइन तोड़कर भागने लगते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस अव्यवस्था में सबसे अधिक प्रभावित होते थे। इसके अलावा टिकट न मिल पाने के कारण कई यात्रियों को अपनी निर्धारित ट्रेन छोड़नी पड़ती थी और बाद की ट्रेन से यात्रा करनी पड़ती थी। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। एटीवीएम से मिलेगी बड़ी राहत अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा को प्रभावी ढंग से लागू किए जाने से यात्रियों को इन सभी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। एटीवीएम मशीनों से कम समय में टिकट मिल जाएगा, जिससे काउंटर पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि जैसे-जैसे यात्री एटीवीएम का उपयोग करना सीखेंगे, वैसे-वैसे स्टेशन परिसर में अव्यवस्था भी कम होगी और टिकट निर्गमन प्रणाली अधिक सुचारू बनेगी। यात्रियों ने फैसले का किया स्वागत बक्सर के नियमित रेल यात्रियों ने रेलवे की इस पहल का स्वागत किया है। यात्रियों का कहना है कि यदि एटीवीएम मशीनों का सही ढंग से संचालन हुआ और समन्वयकों ने सक्रिय भूमिका निभाई, तो स्टेशन पर टिकट को लेकर होने वाली परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बक्सर के यात्रियों को त्वरित, सुरक्षित और सुगम टिकट सुविधा मिलेगी। एटीवीएम मशीनों के जरिए टिकट लेना आसान होगा, जिससे स्टेशन परिसर में भीड़ कम होगी और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा।  

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