चेन्नम्मा सर्कल स्थित बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर निर्माण कार्य को लेकर प्रशासन ने नई डेडलाइन तय की है। पहले अप्रेल तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना को पूरा होने में और छह महीने लग सकते हैं। धारवाड़ जिलाधिकारी स्नेहल आर और विधायक महेश टेंगिनकाई ने अधिकारियों के साथ होसूर क्रॉस से चेन्नम्मा सर्कल तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि परियोजना अगले छह महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
देरी के कारण
करीब 349 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। भूमि अधिग्रहण, एलाइनमेंट पर आपत्तियां, दुर्घटना में एक पुलिस अधिकारी की मृत्यु, तथा पुलिस स्टेशन भवन खाली कराने में देरी जैसे कारणों से काम प्रभावित हुआ। शहर के बीचोंबीच निर्माण कार्य होने के कारण कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं। खुदाई के दौरान यूजीडी लाइनें और केबल मिलने से भी गति धीमी रही। भारी मशीनरी से गर्डर लॉन्चिंग केवल देर रात और तड़के 5 बजे के बीच ही संभव हो पा रही है।
बारिश में बढ़ेगी परेशानी
फ्लाईओवर निर्माण के कारण धूल, यातायात अव्यवस्था और सड़क क्षति से नागरिकों और व्यापारियों को परेशानी हो रही है। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों के कीचडय़ुक्त होने की आशंका से स्थिति और बिगड़ सकती है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा और ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। अगले सप्ताह समन्वय बैठक बुलाकर कार्य में तेजी लाने की रणनीति बनाई जाएगी। विधायक महेश टेंगिनकाई ने बताया कि होसूर क्रॉस के पास गर्डर लॉन्चिंग के दौरान दो महीनों के लिए यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा। हल्के वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने की योजना तैयार की जा रही है। फ्लाईओवर के नीचे सीसी (कंक्रीट) सड़क निर्माण को भी मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे मानसून में भी यातायात प्रभावित न हो।


