साल 2025 वैशाली जिले के लिए प्रशासनिक सक्रियता, जन-कल्याण और समावेशी विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में जिले ने शासन व्यवस्था को जनता के और करीब लाते हुए कई ऐसे कार्य किए, जिन्होंने न केवल आम नागरिकों का भरोसा मजबूत किया बल्कि वैशाली को विकास के नए पथ पर अग्रसर किया। प्रशासनिक नवाचार, त्वरित समाधान और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन ने वर्ष 2025 को वैशाली के लिए खास बना दिया। ‘प्रशासन गाँव की ओर-2025’ से जनता तक पहुँचा प्रशासन जिलाधिकारी वर्षा सिंह की पहल पर शुरू किए गए ‘प्रशासन गाँव की ओर-2025’ अभियान ने प्रशासन को सीधे गांवों तक पहुंचाया। जिले में आयोजित 122 शिविरों में कुल 23,335 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 22,187 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इससे ग्रामीणों को न तो कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े और न ही महीनों इंतजार करना पड़ा।इसके अलावा विशेष शिक्षा समाधान कैंप में 416 मामलों की सीधी सुनवाई कर शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया। राजस्व सेवाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि राजस्व महाअभियान के तहत वैशाली ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया। जिले में 11.52 लाख जमाबंदी प्रतियों का वितरण किया गया, जो लक्ष्य का लगभग 90.18 प्रतिशत है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि भूमि विवादों के समाधान में भी अहम भूमिका निभा रही है। औद्योगिक विकास की ओर तेज कदम वैशाली को औद्योगिक नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में भी वर्ष 2025 महत्वपूर्ण रहा। जिले में 1243 एकड़ में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी गई। ZEEL और ब्रिटानिया जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की मौजूदगी ने वैशाली को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। महिला सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी वैशाली ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जिले में जीविका के अंतर्गत 42,810 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाओं को लाभ मिला है।वहीं, चार रोजगार मेलों के आयोजन से 1294 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला, जिससे जिले में बेरोजगारी कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। लोकतांत्रिक भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले ने मतदान प्रतिशत में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की। मतदान प्रतिशत 57.38 से बढ़कर 68.50 प्रतिशत तक पहुंच गया, यानी 11.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी। यह जनजागरूकता और प्रशासनिक प्रयासों का स्पष्ट परिणाम है। दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँचा प्रशासन प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उदाहरण देते हुए जिलाधिकारी वर्षा सिंह गंगा से घिरे दुर्गम टापू गांव बहलोलपुर दियारा तक पहुंचने वाली पहली अधिकारी बनीं। इसके साथ ही ठंड के मौसम में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर उन्होंने प्रशासन की मानवीय संवेदना को भी दर्शाया। जनता दरबार बना प्रभावी मंच जिले में आयोजित जनता दरबार आम लोगों के लिए समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा। 1427 से अधिक परिवादों की सीधी सुनवाई की गई। पंचायत स्तर पर आयोजित इन दरबारों में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। संस्कृति और व्यवस्था में संतुलन सांस्कृतिक क्षेत्र में बुद्ध संग्रहालय सह स्मृति स्तूप का उद्घाटन और युवा महोत्सव के आयोजन से जिले को नई पहचान मिली। वहीं, अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बाजार क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात और व्यापार व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। DM वर्षा सिंह के नेतृत्व में साल 2025 वैशाली के लिए सुशासन, समावेशी विकास और जनभागीदारी का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है। प्रशासनिक संवेदनशीलता और विकासोन्मुख सोच ने जिले की प्रगति को नई दिशा और नई गति दी है। साल 2025 वैशाली जिले के लिए प्रशासनिक सक्रियता, जन-कल्याण और समावेशी विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में जिले ने शासन व्यवस्था को जनता के और करीब लाते हुए कई ऐसे कार्य किए, जिन्होंने न केवल आम नागरिकों का भरोसा मजबूत किया बल्कि वैशाली को विकास के नए पथ पर अग्रसर किया। प्रशासनिक नवाचार, त्वरित समाधान और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन ने वर्ष 2025 को वैशाली के लिए खास बना दिया। ‘प्रशासन गाँव की ओर-2025’ से जनता तक पहुँचा प्रशासन जिलाधिकारी वर्षा सिंह की पहल पर शुरू किए गए ‘प्रशासन गाँव की ओर-2025’ अभियान ने प्रशासन को सीधे गांवों तक पहुंचाया। जिले में आयोजित 122 शिविरों में कुल 23,335 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 22,187 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इससे ग्रामीणों को न तो कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े और न ही महीनों इंतजार करना पड़ा।इसके अलावा विशेष शिक्षा समाधान कैंप में 416 मामलों की सीधी सुनवाई कर शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया। राजस्व सेवाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि राजस्व महाअभियान के तहत वैशाली ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया। जिले में 11.52 लाख जमाबंदी प्रतियों का वितरण किया गया, जो लक्ष्य का लगभग 90.18 प्रतिशत है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि भूमि विवादों के समाधान में भी अहम भूमिका निभा रही है। औद्योगिक विकास की ओर तेज कदम वैशाली को औद्योगिक नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में भी वर्ष 2025 महत्वपूर्ण रहा। जिले में 1243 एकड़ में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी गई। ZEEL और ब्रिटानिया जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की मौजूदगी ने वैशाली को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। महिला सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी वैशाली ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जिले में जीविका के अंतर्गत 42,810 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाओं को लाभ मिला है।वहीं, चार रोजगार मेलों के आयोजन से 1294 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला, जिससे जिले में बेरोजगारी कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। लोकतांत्रिक भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले ने मतदान प्रतिशत में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की। मतदान प्रतिशत 57.38 से बढ़कर 68.50 प्रतिशत तक पहुंच गया, यानी 11.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी। यह जनजागरूकता और प्रशासनिक प्रयासों का स्पष्ट परिणाम है। दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँचा प्रशासन प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उदाहरण देते हुए जिलाधिकारी वर्षा सिंह गंगा से घिरे दुर्गम टापू गांव बहलोलपुर दियारा तक पहुंचने वाली पहली अधिकारी बनीं। इसके साथ ही ठंड के मौसम में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर उन्होंने प्रशासन की मानवीय संवेदना को भी दर्शाया। जनता दरबार बना प्रभावी मंच जिले में आयोजित जनता दरबार आम लोगों के लिए समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा। 1427 से अधिक परिवादों की सीधी सुनवाई की गई। पंचायत स्तर पर आयोजित इन दरबारों में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। संस्कृति और व्यवस्था में संतुलन सांस्कृतिक क्षेत्र में बुद्ध संग्रहालय सह स्मृति स्तूप का उद्घाटन और युवा महोत्सव के आयोजन से जिले को नई पहचान मिली। वहीं, अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बाजार क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात और व्यापार व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। DM वर्षा सिंह के नेतृत्व में साल 2025 वैशाली के लिए सुशासन, समावेशी विकास और जनभागीदारी का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है। प्रशासनिक संवेदनशीलता और विकासोन्मुख सोच ने जिले की प्रगति को नई दिशा और नई गति दी है।


