नेपाली युवती 3 साल बाद परिजनों से मिली:सीडब्ल्यूसी अयोध्या ने प्रधान मजिस्ट्रेट के निर्देश पर परिजनों को सौंपा

नेपाली युवती 3 साल बाद परिजनों से मिली:सीडब्ल्यूसी अयोध्या ने प्रधान मजिस्ट्रेट के निर्देश पर परिजनों को सौंपा

अयोध्या के राजकीय महिला शरणालय में लगभग तीन वर्षों से रह रही नेपाल की एक युवती को उसके परिजनों से मिला दिया गया है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों से यह संभव हो सका। युवती वर्ष 2023 में नेपाल से भारत आई थी और गोंडा जिले में भटकती हुई मिली थी, जिसके बाद उसे अयोध्या स्थित राजकीय महिला शरणालय में आश्रय दिया गया था। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी ने बताया कि इस मामले ने तब गति पकड़ी जब प्रधान मजिस्ट्रेट शिवांगी त्रिपाठी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अयोध्या की सचिव ने शरणालय का निरीक्षण किया। उन्होंने युवती की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उसके परिजनों का पता लगाने और उसे घर वापस भेजने के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद, बाल कल्याण समिति ने युवती के उपलब्ध दस्तावेज और जानकारी नेपाल दूतावास से मान्यता प्राप्त संस्था ‘आफंता इंडिया’ को भेजी। संस्था ने सक्रियता दिखाते हुए युवती के परिवार का पता लगाया और उसके भाई तथा माता से संपर्क स्थापित कराया। परिजनों से बात होने के बाद युवती और उसका परिवार भावुक हो उठा। नेपाल में चुनाव और उसके गृह क्षेत्र में कर्फ्यू के कारण पिछले महीने युवती की वापसी संभव नहीं हो सकी थी। अंततः ‘आफंता इंडिया फाउंडेशन’ की रिपेट्रिएशन ऑफिसर सुनीता जैरू नेपाल दूतावास द्वारा जारी अधिकृत पत्र के साथ अयोध्या पहुंचीं। सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद युवती को उनके संरक्षण में सौंप दिया गया, जिसके बाद वह नेपाल के लिए रवाना हो गईं। संस्था के अनुसार, युवती का विवाह कम उम्र में उत्तर प्रदेश के एक गांव में कर दिया गया था, जहां उसे ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया गया था। इसी कारण वह वहां से निकल गई थी। अब संस्था नेपाली प्रशासन की मदद से उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाकर इसकी सूचना देगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *