करनाल के देवी मंदिर गोस्वामी कमेटी चौक क्षेत्र में एक युवती के साथ घर में घुसकर मारपीट, कैमरे उखाड़ने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। युवती ने आरोप लगाया है कि उसके पड़ोस में रहने वाले कई लोगों ने आपसी साजिश के तहत उसके घर में जबरदस्ती घुसकर लगे कैमरे उतार दिए और विरोध करने पर उस पर जानलेवा हमला किया। घटना के समय एक पुलिसकर्मी की मौजूदगी का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसने मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया और अब आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस मामले में दूसरे पक्ष ने सामने आकर अपनी सफाइ देते हुए आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस इस मामले में हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है। पड़ोसियों से पहले से चल रहा था विवाद
पीड़िता तनीषा के अनुसार देवी मंदिर गोस्वामी कमेटी चौक में रहने वाले कमल, उसकी पत्नी रजनी, अजय, उसकी पत्नी अन्जली, विजय, उसकी पत्नी इन्दु और सोनू उसके पड़ोसी हैं। आरोप है कि ये लोग उससे और उसके परिवार से बेवजह रंजिश रखते हैं और आए दिन गाली-गलौच व झगड़ा करते रहते हैं। इन्हीं लोगों ने घर पर लगे कैमरों को लेकर पहले भी थाना सिटी में शिकायत दी हुई थी। दुकान पर अकेली थी युवती, उसी समय हुआ विवाद
बताया गया कि दो दिन पहले सुबह करीब 11:30 बजे युवती अपने घर के बाहर दुकान पर मौजूद थी। उस समय उसके माता-पिता घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान पुलिस चौकी सदर बाजार से एएसआई नरेन्द्र मौके पर पहुंचे। युवती का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में ही सभी आरोपी आपस में साजिश कर उसके घर के बाहर आए और कैमरे हटाने को कहने लगे। युवती ने कहा कि कैमरों के संबंध में वे उसके पिता से बात करें और यह भी पूछा कि कैमरों से उन्हें क्या परेशानी है। कैमरे उखाड़ने और घर में घुसने का आरोप
युवती का कहना है कि इसी बात पर आरोपी भड़क गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी और आरोपियों ने उसके साथ अभद्र भाषा में बात की। इसके बाद कमल जबरदस्ती और गैरकानूनी तरीके से उसके घर में घुस गया और कैमरा उखाड़ दिया। वहीं दूसरी ओर इन्दु ने भी दूसरे कैमरे को जबरदस्ती उतार लिया। युवती का कहना है कि आरोपियों का उसके घर या कैमरों से कोई लेना-देना नहीं है और न ही उनका वहां कोई मकान है। जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप
जब युवती ने कैमरे उखाड़ने का विरोध किया तो आरोप है कि सभी ने उसे धमकाते हुए कहा कि अभी मजा चखाते हैं और फिर उस पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। आरोप के अनुसार अन्जली ने उसके मुंह पर थप्पड़ मारा, रजनी ने बाल पकड़ लिए, विजय ने उसके सिर पर किसी ठोस चीज से वार किया, जिससे सिर में गंभीर चोट आई। सोनू ने उसकी छाती में मुक्के मारे और अजय ने उसके कंधे पर डंडा मारा। इसके बाद सभी ने उसे नीचे गिराकर लात-घूंसों से पीटा। 112 पर फोन, मेडिकल कॉलेज में कराया इलाज
युवती ने बताया कि वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागी। आरोप है कि जाते-जाते आरोपी उसके और उसके परिवार को जान से मारने की खुली धमकी देते रहे। भागते समय उसने अपने मोबाइल से 112 पर कॉल की, लेकिन पुलिस तुरंत मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद वह सीधे अपनी चोटों का इलाज कराने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज पहुंची। जब 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची तो उसने युवती को फोन किया, जिस पर उसने बताया कि वह मेडिकल कॉलेज में है। इसके बाद पुलिस की गाड़ी मेडिकल कॉलेज पहुंची। पिता को दी सूचना, सुरक्षा की मांग
युवती ने बताया कि उसने अपने पिता को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद वे भी अस्पताल पहुंचे। उसका मेडिकल करवाया गया। युवती का कहना है कि आरोपी बदमाश और झगड़ालू किस्म के लोग हैं और कभी भी उसके या उसके परिवार के साथ जान-माल का नुकसान कर सकते हैं। घर में उसके पिता अकेले पुरुष सदस्य हैं, जबकि आरोपी संख्या में अधिक हैं, जिससे परिवार को लगातार खतरा बना हुआ है। दूसरा पक्ष भी आया सामने
वहीं दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष की महिला इंदू का आरोप है कि पहले पक्ष ने सीसीटीवी वाइस रिकॉर्डर कैमरे लगाए हुए है। इनके कमरे के पास ही हमारा बैडरूम है और उस रिकॉर्डर के माध्यम से हमारे बैडरूम की सारी आवाजे आरोपियों के कमरे में जा रही थी। जो कैमरे हमने हटवा दिए थे, लेकिन उसके बाद ये आरोपी कभी हमें गालियां देते तो कभी छींटाकसी करते थे। आज आरोपियों का लड़का हमें ईशारे कर रहा है। हम किसी से लड़ाई झगड़ा नहीं चाहते। क्या कहती है पुलिस
वहीं जांच अधिकारी नरेंद्र का कहना है कि हमने किसी को अवैध हिरासत में नहीं लिया। इन लोगों ने कैमरे लगाए हुए थे और रिकॉर्डिंग भी हो रही थी और निजता भी भंग हो रही थी। इन लोगों को नोटिस भी दिए गए थे और वे नहीं आए। जब चौकी में नहीं आया तो अवैध हिरासत में कैसे रखेंगे। अब दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत आई है। जांच की जा रही है।


