गाजीपुर में गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था और हरे चारे की बुवाई में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पशुपालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी सदर का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई संतोषजनक स्पष्टीकरण मिलने तक जारी रहेगी। जिलाधिकारी ने यह निर्देश रायफल क्लब सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक के दौरान दिए। बैठक में उन्होंने गोआश्रय स्थलों के संचालन और गोवंशों के भरण-पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। बैठक में जिलाधिकारी ने गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए चारागाह की भूमि पर हरे चारे की बुवाई की प्रगति की समीक्षा की। जनपद में इसकी प्रगति अत्यंत कम पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर चारागाह की जमीन पर नेपियर घास लगवाएं। इसके अतिरिक्त, गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा और चोकर की व्यवस्था मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने उन गोआश्रय स्थलों पर तत्काल साइलेज की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए, जहां हरा चारा उपलब्ध नहीं है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन गोआश्रय स्थलों की निगरानी करने के लिए भी निर्देशित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार शाही, नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गौतम सहित सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


