यूपी बोर्ड के कापियों के मूल्यांकन कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। वाराणसी में संडे को चारों मूल्यांकन केंद्रों पर महज 444 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य के लिए पहुंचे थे, जबकि 2430 परीक्षक केंद्रों पर पहुंचे ही नहीं थे। संडे को ही सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था जिन मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षा केंद्र बने हैं वहां दोपहर परीक्षा खत्म होने पर यानी एक बजे के बाद से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। शहर के भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में तो स्थिति यह रही है कि यहां एक भी परीक्षक कापियां जांचने के लिए नहीं पहुंचे थे। यहां पर हाईस्कूल विषय की कापियां जांची जा रही है लेकिन संडे को यहां कोई पहुंचा नहीं है। 24118 कापियाें का हो सका मूल्यांकन कार्य संडे को कुल 24118 कापियों का मूल्यांकन किया गया। इसमें हाईस्कूल की 3216 कापियां और इंटरमीडिएट की 20902 कापियां थी। पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में 5727 कापियां, पीएम श्री प्रभु नारायण इंटर कालेज 15175 कापियां व जेपी मेहता नगर निगम इंटर कॉलेज में 3216 कापियों का मूल्यांकन हुआ। भारतीय शिक्षा मंदिर कोई भी परीक्षक कापियाें के मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंचा है। संडे तक हाईस्कूल की 18.59% और इंटरमीडिएट में 29.31% उत्तरपुस्तिकाएं जांची गई हैं। अभी हाईस्कूल की 290524 और इंटरमीडिएट की 172007 कापियों का मूल्यांकन कार्य होना है।


