NEET छात्रा रेप-मौत मामले में शनिवार को CBI शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम ने करीब 3.5 घंटे तक पूरे हॉस्टल को खंगाला। जांच में किताब-कॉपी, कपड़े, कमरे के कोने, दरवाजे-खिड़की और फर्श तक से सैंपल लिए। 5 बोरी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। घटना के दिन हॉस्टल में कौन-कौन था, SIT ने कहां-कहां खामियां छोड़ीं। मौके पर ही SIT टीम से भी सवाल-जवाब होते रहे। छात्रा को उठाकर ले जाने से पहले का CCTV वीडियो कहां है ? CBI ने साढ़े तीन घंटे तक और क्या किया? छात्रा की कौन-कौन सी चीजें जब्त की, SIT टीम से क्या-क्या सवाल होते रहे? पढ़िए रिपोर्ट… पहले जांच-पड़ताल की कुछ तस्वीरें देखें… कड़ी जोड़ने में लगी है CBI जांच के दौरान CBI के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रा हॉस्टल तक कैसे पहुंची? जहानाबाद से पटना जंक्शन आने के बाद वह किस गाड़ी से और कहां उतरी? वह हॉस्टल में कब पहुंची और उसकी तबीयत आखिर कब खराब हुई? इसके बाद उसे सबसे पहले किस अस्पताल ले जाया गया? फिर किन-किन अस्पतालों में रेफर किया गया? उस समय उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे? CBI की टीम फिलहाल इन्हीं कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस चरण पर क्या हुआ। इसी क्रम में टीम जांच के लिए पहले सहज हॉस्पिटल और उसके बाद प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी जाएगी, जहां छात्रा के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और मौजूद लोगों से पूछताछ की जाएगी। किताबें, कॉपी और निजी नोट्स जब्त किए गए CBI ने कमरे में रखी सभी किताबें, नोटबुक, डायरी को जब्त किया। हर पेज को पलटकर देखा गया कि कहीं छात्रा ने किसी दबाव, धमकी, रिश्ते या मानसिक स्थिति का जिक्र तो नहीं किया। पन्नों की राइटिंग, दबाव के निशान (इंडेंटेशन) और संभावित छिपे नोट्स की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इस दौरान SIT से छात्रा की डायरी के बारे में भी जानकारी ली गई। दीवारों-फर्श से माइक्रो सैंपल लिए फॉरेंसिक टीम ने कमरे के चारों कोनों, बेड के नीचे, दीवारों के निचले हिस्से और फर्श से माइक्रो-सैंपल लिए। यह देखा कि कहीं खून, वीर्य, बाल, फाइबर या जबरदस्ती के स्मॉल पार्टिकिल नहीं छूटे। पहले की जांच में अगर कोई साक्ष्य नजरअंदाज हुआ हो, तो अब उसे वैज्ञानिक तरीके से उठाया जाएगा। बेड, चादर और तकिए की दोबारा जांच की जाएगी चादर, गद्दा और तकिए को सावधानी से पैक किया गया। उन पर मौजूद धब्बों, सिलवटों और फाइबर पैटर्न की स्टडी होगी। क्या चादर धोकर दूसरी तो नहीं बिछा दी गई, क्या इस चादर में किसी तरह के निशान हैं। क्या बिस्तर की स्थिति से किसी और की मौजूदगी का अंदेशा मिलता है? पहले छात्रा के कपड़े में मिले स्पर्म चादर से तो मैच नहीं करते। दरवाजा, कुंडी और एंट्री-एग्जिट पॉइंट CBI ने दरवाजे की कुंडी, हैंडल, लॉक और खिड़की की ग्रिल से फिंगरप्रिंट और टच DNA सैंपल लिए। यह जांचा जाएगा कि कमरे में किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री हुई या नहीं। जबरन घुसने या बाहर से लॉक करने के संकेतों की भी बारीकी से जांच की गई। मोबाइल, चार्जर, कॉल डिटेल खंगाली जाएगी SIT से मिले मोबाइल, चार्जर, लैपटॉप को डिजिटल फॉरेंसिक के लिए भेजा जाएगा। कॉल लॉग, चैट, डिलीटेड डेटा, लोकेशन हिस्ट्री और इंटरनेट सर्च पैटर्न की पड़ताल होगी। CCTV फुटेज के साथ इन डिजिटल टाइमलाइन को क्रॉस-मैच किया जाएगा। कपड़े और निजी सामान छात्रा के बैग, कपड़े, जूते और अन्य निजी सामान को सील किया गया। कपड़ों से दोबारा DNA और केमिकल एनालिसिस हो सकता है। यह भी देखा जा रहा है कि 5 जनवरी को हॉस्टल लौटते समय जो कपड़े पहने थे, वे वही हैं या बदले गए थे। CBI की टीम आगे क्या कर सकती है… एम्स की मेडिकल रिपोर्ट जल्द मंगवाई जाएगी हॉस्टल से जब्त सामग्री के बाद CBI की टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल जाकर मेडिकल रिकॉर्ड, लामा रिपोर्ट और डॉक्टरों के बयान की भी जांच करेगी। एम्स की मेडिकल रिपोर्ट को भी जल्दी मंगवाने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही अब छात्रा के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। परिवार से बातचीत में दबाव के आरोप क्यों लगे CBI ने यह भी सवाल किए कि परिवार का आरोप है कि हम पर दबाव बनाया गया। SIT ने परिवार से कितनी बार मुलाकात की? क्या बयान रिकॉर्डिंग में वीडियोग्राफी हुई? क्या परिवार की शिकायतों को केस डायरी में दर्ज किया गया? NEET छात्रा रेप-मौत मामले में शनिवार को CBI शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम ने करीब 3.5 घंटे तक पूरे हॉस्टल को खंगाला। जांच में किताब-कॉपी, कपड़े, कमरे के कोने, दरवाजे-खिड़की और फर्श तक से सैंपल लिए। 5 बोरी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। घटना के दिन हॉस्टल में कौन-कौन था, SIT ने कहां-कहां खामियां छोड़ीं। मौके पर ही SIT टीम से भी सवाल-जवाब होते रहे। छात्रा को उठाकर ले जाने से पहले का CCTV वीडियो कहां है ? CBI ने साढ़े तीन घंटे तक और क्या किया? छात्रा की कौन-कौन सी चीजें जब्त की, SIT टीम से क्या-क्या सवाल होते रहे? पढ़िए रिपोर्ट… पहले जांच-पड़ताल की कुछ तस्वीरें देखें… कड़ी जोड़ने में लगी है CBI जांच के दौरान CBI के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रा हॉस्टल तक कैसे पहुंची? जहानाबाद से पटना जंक्शन आने के बाद वह किस गाड़ी से और कहां उतरी? वह हॉस्टल में कब पहुंची और उसकी तबीयत आखिर कब खराब हुई? इसके बाद उसे सबसे पहले किस अस्पताल ले जाया गया? फिर किन-किन अस्पतालों में रेफर किया गया? उस समय उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे? CBI की टीम फिलहाल इन्हीं कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस चरण पर क्या हुआ। इसी क्रम में टीम जांच के लिए पहले सहज हॉस्पिटल और उसके बाद प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी जाएगी, जहां छात्रा के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और मौजूद लोगों से पूछताछ की जाएगी। किताबें, कॉपी और निजी नोट्स जब्त किए गए CBI ने कमरे में रखी सभी किताबें, नोटबुक, डायरी को जब्त किया। हर पेज को पलटकर देखा गया कि कहीं छात्रा ने किसी दबाव, धमकी, रिश्ते या मानसिक स्थिति का जिक्र तो नहीं किया। पन्नों की राइटिंग, दबाव के निशान (इंडेंटेशन) और संभावित छिपे नोट्स की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इस दौरान SIT से छात्रा की डायरी के बारे में भी जानकारी ली गई। दीवारों-फर्श से माइक्रो सैंपल लिए फॉरेंसिक टीम ने कमरे के चारों कोनों, बेड के नीचे, दीवारों के निचले हिस्से और फर्श से माइक्रो-सैंपल लिए। यह देखा कि कहीं खून, वीर्य, बाल, फाइबर या जबरदस्ती के स्मॉल पार्टिकिल नहीं छूटे। पहले की जांच में अगर कोई साक्ष्य नजरअंदाज हुआ हो, तो अब उसे वैज्ञानिक तरीके से उठाया जाएगा। बेड, चादर और तकिए की दोबारा जांच की जाएगी चादर, गद्दा और तकिए को सावधानी से पैक किया गया। उन पर मौजूद धब्बों, सिलवटों और फाइबर पैटर्न की स्टडी होगी। क्या चादर धोकर दूसरी तो नहीं बिछा दी गई, क्या इस चादर में किसी तरह के निशान हैं। क्या बिस्तर की स्थिति से किसी और की मौजूदगी का अंदेशा मिलता है? पहले छात्रा के कपड़े में मिले स्पर्म चादर से तो मैच नहीं करते। दरवाजा, कुंडी और एंट्री-एग्जिट पॉइंट CBI ने दरवाजे की कुंडी, हैंडल, लॉक और खिड़की की ग्रिल से फिंगरप्रिंट और टच DNA सैंपल लिए। यह जांचा जाएगा कि कमरे में किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री हुई या नहीं। जबरन घुसने या बाहर से लॉक करने के संकेतों की भी बारीकी से जांच की गई। मोबाइल, चार्जर, कॉल डिटेल खंगाली जाएगी SIT से मिले मोबाइल, चार्जर, लैपटॉप को डिजिटल फॉरेंसिक के लिए भेजा जाएगा। कॉल लॉग, चैट, डिलीटेड डेटा, लोकेशन हिस्ट्री और इंटरनेट सर्च पैटर्न की पड़ताल होगी। CCTV फुटेज के साथ इन डिजिटल टाइमलाइन को क्रॉस-मैच किया जाएगा। कपड़े और निजी सामान छात्रा के बैग, कपड़े, जूते और अन्य निजी सामान को सील किया गया। कपड़ों से दोबारा DNA और केमिकल एनालिसिस हो सकता है। यह भी देखा जा रहा है कि 5 जनवरी को हॉस्टल लौटते समय जो कपड़े पहने थे, वे वही हैं या बदले गए थे। CBI की टीम आगे क्या कर सकती है… एम्स की मेडिकल रिपोर्ट जल्द मंगवाई जाएगी हॉस्टल से जब्त सामग्री के बाद CBI की टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल जाकर मेडिकल रिकॉर्ड, लामा रिपोर्ट और डॉक्टरों के बयान की भी जांच करेगी। एम्स की मेडिकल रिपोर्ट को भी जल्दी मंगवाने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही अब छात्रा के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। परिवार से बातचीत में दबाव के आरोप क्यों लगे CBI ने यह भी सवाल किए कि परिवार का आरोप है कि हम पर दबाव बनाया गया। SIT ने परिवार से कितनी बार मुलाकात की? क्या बयान रिकॉर्डिंग में वीडियोग्राफी हुई? क्या परिवार की शिकायतों को केस डायरी में दर्ज किया गया?


