पटना के एक हॉस्टल में रविवार देर शाम NEET की तैयारी करने वाली छात्रा कमरे में बंद बेहोशी की हालत में मिली। उसे फौरन हॉस्टल कर्मियों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों मानना है कि उनकी बेटी के शरीर पर चोट के निशान हैं, उसकी दुष्कर्म करने के बाद हत्या की गई है। चित्रगुप्त नगर थाने में पिता के आवेदन पर केस भी दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हास्टल के कमरे में मिली बेहोश, इलाज के दौरान मौत ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि, 5 जनवरी को छात्रा घर से लौटी थी। हॉस्टल की दूसरी छात्राओं के साथ 6 जनवरी को खाना खाई और अपने कमरे में चली गई। इसके बाद वो बाहर नहीं आई। हॉस्टल कर्मियों को जब आशंका हुई तो उन्होंने गेट तोड़कर बेहोशी के हालत में उसे निकाला और अस्पताल में एडमिट कराया। अस्पताल प्रबंधन से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो छात्रा बेहोशी के हालत में थी। अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट से जब लड़की से दुष्कर्म को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने बताया कि प्राइवेट पार्ट पर चोट या जख्म नहीं पाए गए हैं। ASP ने बताया कि इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई है। पुलिस ने ली कमरे की तलाशी ASP सदर ने बताया कि छात्रा के कमरे की तलाशी ली गई। वहां से कोई सुसाइड नोट वगैरह नहीं मिला है। आसपास में भी केवल छात्राएं ही रहती हैं। उन्होंने भी पूछताछ के दौरान कोई ऐसी बात नहीं बताई है। हर पहलू से इस घटना की जांच की जा रही है। कमरे से मिली नींद की गोली ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि, ‘युवती के मोबाइल को जब्त कर उसकी जांच की गई है। मोबाइल पर नींद की गोली कैसे जानलेवा है? नींद की गोली अधिक लेने से यानी ओवरडोज से कैसे आदमी की मौत होती है? जैसे वीडियो कंटेंट सर्च कर के देखे गए हैं।कमरे से नींद की गोली भी बरामद हुई है।’ ASP सदर अभिनव कुमार के मुताबिक, युवती नींद की गोली कब से ले रही थी? किस दुकान से खरीदी थी।? इसकी भी जांच होगी। पुलिस पूरी घटना को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है। पटना के एक हॉस्टल में रविवार देर शाम NEET की तैयारी करने वाली छात्रा कमरे में बंद बेहोशी की हालत में मिली। उसे फौरन हॉस्टल कर्मियों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों मानना है कि उनकी बेटी के शरीर पर चोट के निशान हैं, उसकी दुष्कर्म करने के बाद हत्या की गई है। चित्रगुप्त नगर थाने में पिता के आवेदन पर केस भी दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हास्टल के कमरे में मिली बेहोश, इलाज के दौरान मौत ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि, 5 जनवरी को छात्रा घर से लौटी थी। हॉस्टल की दूसरी छात्राओं के साथ 6 जनवरी को खाना खाई और अपने कमरे में चली गई। इसके बाद वो बाहर नहीं आई। हॉस्टल कर्मियों को जब आशंका हुई तो उन्होंने गेट तोड़कर बेहोशी के हालत में उसे निकाला और अस्पताल में एडमिट कराया। अस्पताल प्रबंधन से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो छात्रा बेहोशी के हालत में थी। अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट से जब लड़की से दुष्कर्म को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने बताया कि प्राइवेट पार्ट पर चोट या जख्म नहीं पाए गए हैं। ASP ने बताया कि इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई है। पुलिस ने ली कमरे की तलाशी ASP सदर ने बताया कि छात्रा के कमरे की तलाशी ली गई। वहां से कोई सुसाइड नोट वगैरह नहीं मिला है। आसपास में भी केवल छात्राएं ही रहती हैं। उन्होंने भी पूछताछ के दौरान कोई ऐसी बात नहीं बताई है। हर पहलू से इस घटना की जांच की जा रही है। कमरे से मिली नींद की गोली ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि, ‘युवती के मोबाइल को जब्त कर उसकी जांच की गई है। मोबाइल पर नींद की गोली कैसे जानलेवा है? नींद की गोली अधिक लेने से यानी ओवरडोज से कैसे आदमी की मौत होती है? जैसे वीडियो कंटेंट सर्च कर के देखे गए हैं।कमरे से नींद की गोली भी बरामद हुई है।’ ASP सदर अभिनव कुमार के मुताबिक, युवती नींद की गोली कब से ले रही थी? किस दुकान से खरीदी थी।? इसकी भी जांच होगी। पुलिस पूरी घटना को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है।


