NEET छात्रा रेप-मौत मामले में CBI की टीम ने जांच शुरू कर दी है। CBI की टीम SIT, थाने की SI, छात्रा के परिवार वालों से पूछताछ कर चुकी है। पान की दुकान पर मिला छात्रा के भाई का मोबाइल अब जांच का अहम सुराग बन गया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने दुकानदार को मोबाइल देकर कहा था कि कोई लेने आएगा। दस मिनट बाद स्कॉर्पियो से पांच लोग पहुंचे और मोबाइल ले गए। दुकानदार ने बताया कि वह व्यक्ति का नाम नहीं जानता, पर पहचान सकता है। इसी कड़ी को जोड़ते हुए सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। पान दुकानदार ने सीबीआई की टीम को बताया कि एक व्यक्ति ने मोबाइल देकर कहा, कोई लेने आएगा। मैं उसका नाम नहीं जानता, पर पहचान सकता हूं। दस मिनट बाद स्कॉर्पियो से पांच लोग पहुंचे। मोबाइल लेकर चले गए। CBI इन पॉइंट्स पर कर रही जांच भाई के मोबाइल का CDR खंगाल रही CBI सीबीआई ने छात्रा के मामा को पटना मुख्यालय बुलाकर दो घंटे पूछताछ की। उनसे छात्रा की तबीयत बिगड़ने और 5 फरवरी को जहानाबाद से पटना लौटने को लेकर सवाल किए गए। उनका मोबाइल नंबर भी लिया गया है। छात्रा के भाई के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। उसे भी पटना बुलाया जा सकता है। एसआईटी की रिपोर्ट और बयान सीबीआई को सौंपे गए हैं। जहानाबाद से लौटने का सीन रीक्रिएट
5 जनवरी को छात्रा अकेले जहानाबाद से पटना लौटी थी। वह ट्रेन से पटना जंक्शन पहुंची। करबिगहिया छोर से बाहर निकली। ई-रिक्शा से हॉस्टल के पास उतरी। वहां से पैदल हॉस्टल गई। सीबीआई टीम ने इसी क्रम में सीन रीक्रिएट किया। धमकी भरे लेटर के बाद एफएसएल जांच धमकी भरे दो लेटर मिलने के बाद बुधवार को बिहार पुलिस की FSL की टीम जहानाबाद में पीड़ित परिवार के घर पहुंची थी। करीब डेढ़ घंटे तक टीम वहां रही। इस दौरान कई पॉइंट्स पर जांच किए गए। कई जगहों से FSL की टीम ने सैंपल कलेक्ट किए। घर के दरवाजों और खिड़की तक के साइज नापे गए। दरअसल, सादे कागज पर लिख कर पीड़ित परिवार को दो बार धमकी भेजी गई। दोनों के बीच महज 48 घंटे का ही अंतर है। धमकी देने वाले शख्स ने लेटर में लिखा पहले बेटी गई। नहीं मानोगे तो अब बेटा भी जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या धमकी भरे पत्र को किसी एक ही इंसान ने लिखा है? इसका जवाब जानने के लिए FSL की टीम दोनों कागजों के लिखावट की जांच कर रही है। दूसरी तरफ धमकी मिलने के बाद से पीड़ित परिवार की सुरक्षा जहानाबाद पुलिस की ओर से की जा रही है…पढ़िए रिपोर्ट पहले देखिए धमकी भरे लेटर छात्रा की हॉस्टल तक पहुंची CBI की टीम सूत्रों के अनुसार, इस मामले को सुलझाने के लिए CBI की अलग-अलग टीम अलग-अलग पॉइंट्स पर काम कर रही है। जहानाबाद से जब छात्रा पटना आई थी और वो कैसे ऑटो से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक पहुंची। फिर वहां से पैदल किस रास्ते से होकर हॉस्टल तक पहुंची? उसे हॉस्टल पहुंचने में कुल कितना वक्त लगा? इन पॉइंट्स की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी ने की। एक टीम उसी तरह से राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास पहुंची। वहां से पैदल उसी रास्ते हॉस्टल तक गई। हॉस्टल के आसपास के इलाके को खंगाला। स्थानीय लोगों से बात की। हॉस्टल मालिक की किस तरह की एक्टिविटी रहती थी? वहां किस तरह के लोगों का आना-जाना होता था? इस बारे में भी पता लगाने की कोशिश की गई। खंगाला जा रहा है भाई का मोबाइल मंगलवार को CBI ने छात्रा के भाई का मोबाइल मखदुमपुर से जब्त किया था। सूत्रों के अनुसार, अब उस मोबाइल की पड़ताल शुरू की गई है। उसमें सेव किए गए कॉन्टैक्ट डिटेल का एनालिसिस किया जा रहा है। व्हाट्सएप चैट चेक किए जा रहे हैं। पता किया जा रहा है कि भाई ने कब, किसे और किस तरह के मैसेज किए। इसके अलावा कॉल व SMS हिस्ट्री की भी पड़ताल की जा रही है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसी भाई के कॉल डिटेल को भी खंगाल सकती है। दो पॉइंट पर क्रॉस चेक जारी नीट छात्रा रेप-मौत मामले की अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए CBI की टीम ठीक उसी तरह से काम कर रही है, जैसे पटना पुलिस की SIT कर रही थी। पिछले 4-5 दिनों में इनकी जांच की दिशा भी परिवार के ईद-गिर्द ही घूम रही है। दरअसल, CBI की टीम अब तक दो बार जहानाबाद जा चुकी है। पहली दफा रविवार को गई थी। दूसरी बार मंगलवार को गई। दोनों ही बार टीम ने छात्रा की मां-पिता और भाई के साथ ही दूसरे रिश्तेदारों से कई सवाल पूछे। सूत्र बताते हैं कि जांच टीम अभी दो पॉइंट पर क्रॉस चेक करने में जुटी है। पहला पॉइंट परिवार के आरोप जब छात्रा पटना के हॉस्टल में रहते हुए बीमार पड़ी। एक से दूसरे हॉस्पिटल गई। वहां हुए इलाज और फिर उस दरम्यान हुई उसकी मौत के बाद परिवार ने कई सवाल खड़े किए। इस मामले की शुरुआत से उन्होंने हॉस्टल संचालक, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और फिर पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। परिवार बार-बार दावा करती रही कि उनकी बेटी की मौत में ये सभी भागीदार है। हॉस्टल संचालक और हॉस्पिटल वाले एक-दूसरे से मिले हैं। बेटी के साथ जो कुछ गलत हुआ, वो इसमें शामिल हैं। वहीं, पुलिस शुरुआत से ही इन्हें बचाने में जुटी रही। इनसे जुड़े सबूतों को मिटाती रही। अब परिवार के आरोपों में कितनी सच्चाई या दम है, CBI इसे क्रॉस चेक कर रही है। दूसरा पॉइंट SIT की जांच कितनी सही पटना पुलिस की SIT की जांच ज्यादातर छात्रा के सुसाइड किए जाने के पॉइंट पर घूमती रही। हालांकि, FSL रिपोर्ट आने के बाद कुछ समय के लिए इनकी जांच की दिशा बदली। मगर, रिजल्ट जिरो रहा। अब CBI इस बात को क्रॉस चेक कर रही है कि क्या SIT ने जो जांच की, वो सही है? उनके जुटाए गए सबूत सही हैं या नहीं? जिन लोगों से भी पूछताछ हुई। DNA टेस्ट के लिए जितने संदिग्धों के सैंपल लिए गए। जितनी मेहनत SIT ने की। फिर सवाल उठता है कि उस हिसाब से इस केस का रिजल्ट सामने क्यों नहीं आया? आखिर SIT से चूक कहा रह गई? ————————- ये भी पढ़ें NEET छात्रा रेप-मौत,CBI ने 2 घंटे की SI से पूछताछ:मां-पिता से पूछा-बयान बदलने के लिए किसने कहा; SIT से सवाल-मनीष रंजन को रिमांड पर क्यों नहीं लिया NEET छात्रा रेप-मौत मामले को टेकओवर किए सीबीआई को चार दिन हो गए हैं। सीबीआई ने अब तक शंभू गर्ल्स हॉस्टल, जहानाबाद में मां-पिता और भाई से 5 घंटे तक पूछताछ की। मंगलवार को SIT की ओर से CCTV फुटेज और उसकी DVR की जांच CID की फोरेंसिक टीम से कराई गई। रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी गई है। नीट छात्रा मामले में सीबीआई 48 घंटे में दूसरी बार जहानाबाद स्थित उसके घर पहुंची। टीम ने छात्रा के भाई से 3 घंटे पूछताछ की। फिर उसका मोबाइल मांगा। भाई ने बताया कि मोबाइल मखदुमपुर में बनवाने के लिए दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें NEET छात्रा रेप-मौत मामले में CBI की टीम ने जांच शुरू कर दी है। CBI की टीम SIT, थाने की SI, छात्रा के परिवार वालों से पूछताछ कर चुकी है। पान की दुकान पर मिला छात्रा के भाई का मोबाइल अब जांच का अहम सुराग बन गया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने दुकानदार को मोबाइल देकर कहा था कि कोई लेने आएगा। दस मिनट बाद स्कॉर्पियो से पांच लोग पहुंचे और मोबाइल ले गए। दुकानदार ने बताया कि वह व्यक्ति का नाम नहीं जानता, पर पहचान सकता है। इसी कड़ी को जोड़ते हुए सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। पान दुकानदार ने सीबीआई की टीम को बताया कि एक व्यक्ति ने मोबाइल देकर कहा, कोई लेने आएगा। मैं उसका नाम नहीं जानता, पर पहचान सकता हूं। दस मिनट बाद स्कॉर्पियो से पांच लोग पहुंचे। मोबाइल लेकर चले गए। CBI इन पॉइंट्स पर कर रही जांच भाई के मोबाइल का CDR खंगाल रही CBI सीबीआई ने छात्रा के मामा को पटना मुख्यालय बुलाकर दो घंटे पूछताछ की। उनसे छात्रा की तबीयत बिगड़ने और 5 फरवरी को जहानाबाद से पटना लौटने को लेकर सवाल किए गए। उनका मोबाइल नंबर भी लिया गया है। छात्रा के भाई के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। उसे भी पटना बुलाया जा सकता है। एसआईटी की रिपोर्ट और बयान सीबीआई को सौंपे गए हैं। जहानाबाद से लौटने का सीन रीक्रिएट
5 जनवरी को छात्रा अकेले जहानाबाद से पटना लौटी थी। वह ट्रेन से पटना जंक्शन पहुंची। करबिगहिया छोर से बाहर निकली। ई-रिक्शा से हॉस्टल के पास उतरी। वहां से पैदल हॉस्टल गई। सीबीआई टीम ने इसी क्रम में सीन रीक्रिएट किया। धमकी भरे लेटर के बाद एफएसएल जांच धमकी भरे दो लेटर मिलने के बाद बुधवार को बिहार पुलिस की FSL की टीम जहानाबाद में पीड़ित परिवार के घर पहुंची थी। करीब डेढ़ घंटे तक टीम वहां रही। इस दौरान कई पॉइंट्स पर जांच किए गए। कई जगहों से FSL की टीम ने सैंपल कलेक्ट किए। घर के दरवाजों और खिड़की तक के साइज नापे गए। दरअसल, सादे कागज पर लिख कर पीड़ित परिवार को दो बार धमकी भेजी गई। दोनों के बीच महज 48 घंटे का ही अंतर है। धमकी देने वाले शख्स ने लेटर में लिखा पहले बेटी गई। नहीं मानोगे तो अब बेटा भी जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या धमकी भरे पत्र को किसी एक ही इंसान ने लिखा है? इसका जवाब जानने के लिए FSL की टीम दोनों कागजों के लिखावट की जांच कर रही है। दूसरी तरफ धमकी मिलने के बाद से पीड़ित परिवार की सुरक्षा जहानाबाद पुलिस की ओर से की जा रही है…पढ़िए रिपोर्ट पहले देखिए धमकी भरे लेटर छात्रा की हॉस्टल तक पहुंची CBI की टीम सूत्रों के अनुसार, इस मामले को सुलझाने के लिए CBI की अलग-अलग टीम अलग-अलग पॉइंट्स पर काम कर रही है। जहानाबाद से जब छात्रा पटना आई थी और वो कैसे ऑटो से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक पहुंची। फिर वहां से पैदल किस रास्ते से होकर हॉस्टल तक पहुंची? उसे हॉस्टल पहुंचने में कुल कितना वक्त लगा? इन पॉइंट्स की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी ने की। एक टीम उसी तरह से राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास पहुंची। वहां से पैदल उसी रास्ते हॉस्टल तक गई। हॉस्टल के आसपास के इलाके को खंगाला। स्थानीय लोगों से बात की। हॉस्टल मालिक की किस तरह की एक्टिविटी रहती थी? वहां किस तरह के लोगों का आना-जाना होता था? इस बारे में भी पता लगाने की कोशिश की गई। खंगाला जा रहा है भाई का मोबाइल मंगलवार को CBI ने छात्रा के भाई का मोबाइल मखदुमपुर से जब्त किया था। सूत्रों के अनुसार, अब उस मोबाइल की पड़ताल शुरू की गई है। उसमें सेव किए गए कॉन्टैक्ट डिटेल का एनालिसिस किया जा रहा है। व्हाट्सएप चैट चेक किए जा रहे हैं। पता किया जा रहा है कि भाई ने कब, किसे और किस तरह के मैसेज किए। इसके अलावा कॉल व SMS हिस्ट्री की भी पड़ताल की जा रही है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसी भाई के कॉल डिटेल को भी खंगाल सकती है। दो पॉइंट पर क्रॉस चेक जारी नीट छात्रा रेप-मौत मामले की अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए CBI की टीम ठीक उसी तरह से काम कर रही है, जैसे पटना पुलिस की SIT कर रही थी। पिछले 4-5 दिनों में इनकी जांच की दिशा भी परिवार के ईद-गिर्द ही घूम रही है। दरअसल, CBI की टीम अब तक दो बार जहानाबाद जा चुकी है। पहली दफा रविवार को गई थी। दूसरी बार मंगलवार को गई। दोनों ही बार टीम ने छात्रा की मां-पिता और भाई के साथ ही दूसरे रिश्तेदारों से कई सवाल पूछे। सूत्र बताते हैं कि जांच टीम अभी दो पॉइंट पर क्रॉस चेक करने में जुटी है। पहला पॉइंट परिवार के आरोप जब छात्रा पटना के हॉस्टल में रहते हुए बीमार पड़ी। एक से दूसरे हॉस्पिटल गई। वहां हुए इलाज और फिर उस दरम्यान हुई उसकी मौत के बाद परिवार ने कई सवाल खड़े किए। इस मामले की शुरुआत से उन्होंने हॉस्टल संचालक, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और फिर पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। परिवार बार-बार दावा करती रही कि उनकी बेटी की मौत में ये सभी भागीदार है। हॉस्टल संचालक और हॉस्पिटल वाले एक-दूसरे से मिले हैं। बेटी के साथ जो कुछ गलत हुआ, वो इसमें शामिल हैं। वहीं, पुलिस शुरुआत से ही इन्हें बचाने में जुटी रही। इनसे जुड़े सबूतों को मिटाती रही। अब परिवार के आरोपों में कितनी सच्चाई या दम है, CBI इसे क्रॉस चेक कर रही है। दूसरा पॉइंट SIT की जांच कितनी सही पटना पुलिस की SIT की जांच ज्यादातर छात्रा के सुसाइड किए जाने के पॉइंट पर घूमती रही। हालांकि, FSL रिपोर्ट आने के बाद कुछ समय के लिए इनकी जांच की दिशा बदली। मगर, रिजल्ट जिरो रहा। अब CBI इस बात को क्रॉस चेक कर रही है कि क्या SIT ने जो जांच की, वो सही है? उनके जुटाए गए सबूत सही हैं या नहीं? जिन लोगों से भी पूछताछ हुई। DNA टेस्ट के लिए जितने संदिग्धों के सैंपल लिए गए। जितनी मेहनत SIT ने की। फिर सवाल उठता है कि उस हिसाब से इस केस का रिजल्ट सामने क्यों नहीं आया? आखिर SIT से चूक कहा रह गई? ————————- ये भी पढ़ें NEET छात्रा रेप-मौत,CBI ने 2 घंटे की SI से पूछताछ:मां-पिता से पूछा-बयान बदलने के लिए किसने कहा; SIT से सवाल-मनीष रंजन को रिमांड पर क्यों नहीं लिया NEET छात्रा रेप-मौत मामले को टेकओवर किए सीबीआई को चार दिन हो गए हैं। सीबीआई ने अब तक शंभू गर्ल्स हॉस्टल, जहानाबाद में मां-पिता और भाई से 5 घंटे तक पूछताछ की। मंगलवार को SIT की ओर से CCTV फुटेज और उसकी DVR की जांच CID की फोरेंसिक टीम से कराई गई। रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी गई है। नीट छात्रा मामले में सीबीआई 48 घंटे में दूसरी बार जहानाबाद स्थित उसके घर पहुंची। टीम ने छात्रा के भाई से 3 घंटे पूछताछ की। फिर उसका मोबाइल मांगा। भाई ने बताया कि मोबाइल मखदुमपुर में बनवाने के लिए दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें


