गर्मी में लोग भटकते प्यास बुझाने को
बाड़मेर शहर में प्यास लगे तो निशुल्क पानी उपलब्ध नहीं है। पूरे शहर में प्याऊ नजर नहीं आती। सालों पहले संचालित प्याऊ बंद हो चुकी है। नई बन नहीं रही, ऐसे में लोग प्यास बुझाए भी कहां। पूर्व में तिलक बस स्टैंड, महावीर पार्क के बाहर, कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न जगहों पर प्याऊ थी लेकिन अब नजर नहीं आती।
गर्मी की शुरुआत होते ही ठंडे पानी की मांग बढ़ जाती है। इस पर नगर में राहगीरों के लिए प्याऊओं की सुचारू संचालन की जरूरत है। इससे की गर्मी से परेशान लोग शीतल पानी पीकर राहत महसूस कर सके।
अस्थायी प्याऊओंं का संचालन करें।
गर्मी के दिनों में ठंडे पानी की जरूरत रहती है। कई बार पानी नहीं मिलने से लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है। – दीपक जोशी
बंद प्याऊओं से लोगों को परेशानी होती है। इस पर प्रशासन इनका सुचारू संचालन करें।
– गोविंद सिंह
प्रशासन दानदाताओं को प्रेरित कर शहर के बाहरी भागों में प्याऊ का संचालन करवाएं।
– प्रेमकुमार
नगर की बड़ी आबादी की तुलना में प्याऊओं की संख्या कम है। प्रशासन समाज सेवी संगठनों को प्रेरित करके अधिकारिक अस्थायी प्याऊओं को संचालित करवाएं। – मनोज कुमार


