गर्मियों में लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क में एंजॉय करना बहुत पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ये मजा हमारी आंखों के लिए खतरा भी बन सकता है। दरअसल, कई बार पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन, केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों की सेंसिटिव लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे जलन, लालिमा, खुजली और धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर भीड़भाड़ वाले पूल में संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि स्विमिंग का मजा लेते समय आंखों की सेफ्टी को नजरअंदाज न किया जाए। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में स्विमिंग पूल से होने वाले आई-इन्फेक्शन रिस्क की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. श्रेया गुप्ता, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- गर्मियों में लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क ज्यादा जाते हैं। क्या स्विमिंग पूल से आई-इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है? जवाब- हां, गर्मियों में ज्यादा पसीना, धूल और भीड़ के कारण आंखों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। सवाल- स्विमिंग पूल का पानी आंखों को नुकसान क्यों पहुंचाता है? जवाब- इसमें मौजूद केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। विस्तार से समझिए- क्लोरीन- पानी को डिसइन्फेक्ट करने के लिए स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाली जाती है, लेकिन यह आंखों की नेचुरल प्रोटेक्शन लेयर को ब्रेक कर सकती है। इससे आंखों में ड्राईनेस, जलन और अस्थायी धुंधलापन हो सकता है। अन्य केमिकल्स- पानी का pH (ताकि पानी एसिडिक या बेसिक न हो) बैलेंस बनाए रखने वाले केमिकल्स कॉर्निया को इरिटेट कर सकते हैं। इस तरह के केमिकल के ज्यादा एक्सपोजर से आंखों में जलन महसूस होती है। बैक्टीरिया- जिन स्विमिंग पूल का मेंटेनेंस खराब है, उनमें बैक्टीरिया, फंगस या प्रोटोजोआ हो सकते हैं। ये आंखों को संक्रमित कर सूजन पैदा करते हैं। लंबे समय तक एक्सपोजर से इन्फेक्शन या एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ सकता है। सवाल- वाटर पार्क में नहाने पर संक्रमण का रिस्क ज्यादा क्यों होता है? जवाब- वाटर पार्क में एक साथ कई लोग नहाते हैं, जिससे बैक्टीरिया-वायरस तेजी से फैलते हैं। अगर पानी सही तरीके से फिल्टर नहीं होता, तो गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। पानी को डिसइन्फेक्ट न करने पर संक्रमण का खतरा बढ़ता है। खुले घाव, आंख-कान या स्किन के जरिए ये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। सवाल- कैसे पहचानें कि स्विमिंग पूल एक्सपोजर के कारण आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। किन संकेतों को इग्नोर न करें? जवाब- स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन, केमिकल्स और बैक्टीरिया आंखों की बाहरी परत (कंजक्टाइवा व कॉर्निया) को इरिटेट कर सकते हैं। इसलिए ग्राफिक में दिए संकेतों को इग्नोर न करें- सवाल- कुछ लोगों की आंखें ज्यादा संवेदनशील होती हैं। किन लोगों को स्विमिंग पूल में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- वैसे तो स्विमिंग पूल में देर तक नहाना हर किसी के लिए नुकसानदायक है। लेकिन जिनकी आंखें ज्यादा सेंसिटिव होती हैं, उन्हें ये रिस्क ज्यादा होता है। नीचे ग्राफिक में देखिए किन लोगाें को रिस्क ज्यादा होता है- सवाल- क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर स्विमिंग करने से इन्फेक्शन का खतरा और बढ़ सकता है? जवाब- कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर स्विमिंग करने से आंखों में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। सवाल- स्विमिंग के दौरान कौन-सी कॉमन गलतियां आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं? जवाब- स्विमिंग के दौरान लोग मौज-मस्ती के चक्कर में कुछ गलतियां करते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं- सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- आंखों की सेफ्टी के लिए स्विमिंग से पहले, स्विमिंग के दौरान और स्विमिंग के बाद क्या करना चाहिए? जवाब- नीचे पॉइंटर्स से समझें– ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए- सवाल- अगर स्विमिंग के बाद आंखों में जलन, धुंधलापन या सूजन महसूस हो तो तुरंत क्या करें? जवाब- सबसे पहले आंखों को 5–10 मिनट तक साफ, ठंडे पानी से धोएं। सवाल- डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी है? जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है- सवाल- एक्सपर्ट के मुताबिक स्विमिंग करने वालों के लिए आई-केयर के सबसे जरूरी टिप्स क्या हैं? जवाब- नीचे पॉइंटर्स में देखें– ………………
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