भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के नेशनल डिफेंस कॉलेज के कोर्स-66 के प्रतिनिधिमंडल ने ‘अंडरस्टैंडिंग इंडिया स्टडी टूर’ कार्यक्रम के तहत खादी मॉल का दौरा बुधवार को किया। इस दौरान सदस्यों ने बिहार की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और खादी उत्पादों को करीब से देखा और उनकी खासियत जानी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रमेश कुमार चौधरी ने किया। उन्होंने बिहार के खादी और हस्तशिल्प उत्पादों की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। सीनियर प्रोफेशनल अजमत अब्बास रिजवी ने मॉल का विस्तृत भ्रमण कराया। उन्होंने अलग-अलग स्टॉल, कपड़ों के डिजाइन, हस्तनिर्मित सामान और पारंपरिक शिल्प कलाओं के बारे में बताया। साथ ही स्थानीय कारीगरों के हुनर और उत्पादों की विविधता से भी प्रतिनिधिमंडल को परिचित कराया। इस मौके पर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बिहार की कला और उसकी ऐतिहासिक महत्ता की सराहना की। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के नेशनल डिफेंस कॉलेज के कोर्स-66 के प्रतिनिधिमंडल ने ‘अंडरस्टैंडिंग इंडिया स्टडी टूर’ कार्यक्रम के तहत खादी मॉल का दौरा बुधवार को किया। इस दौरान सदस्यों ने बिहार की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और खादी उत्पादों को करीब से देखा और उनकी खासियत जानी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रमेश कुमार चौधरी ने किया। उन्होंने बिहार के खादी और हस्तशिल्प उत्पादों की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। सीनियर प्रोफेशनल अजमत अब्बास रिजवी ने मॉल का विस्तृत भ्रमण कराया। उन्होंने अलग-अलग स्टॉल, कपड़ों के डिजाइन, हस्तनिर्मित सामान और पारंपरिक शिल्प कलाओं के बारे में बताया। साथ ही स्थानीय कारीगरों के हुनर और उत्पादों की विविधता से भी प्रतिनिधिमंडल को परिचित कराया। इस मौके पर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बिहार की कला और उसकी ऐतिहासिक महत्ता की सराहना की।


