अरवल में भारत सरकार द्वारा पारित ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन बिल’ पर बुधवार को एनडीए के सभी घटक दलों के जिला अध्यक्षों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह कॉन्फ्रेंस जिला अतिथि गृह में आयोजित की गई, जिसमें बिहार विधान परिषद सदस्य अनामिका सिंह मुख्य वक्ता थीं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी, हम जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, लोजपा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र रंजन, रालोमो जिलाध्यक्ष रविंद्र राम और जेडीयू प्रवक्ता चांद मलिक भी मौजूद रहे। मनरेगा योजना को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा, विपक्ष पर निशाना साधा पत्रकारों को संबोधित करते हुए अनामिका सिंह ने कहा कि पूर्व में मनरेगा या जवाहर रोजगार योजना जैसी योजनाओं में काफी भ्रष्टाचार था। उन्होंने इसे ‘भ्रष्टाचार का अड्डा’ बताया। अनामिका सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में यह नया बिल सहायक साबित होगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सरकार जब भी कोई अच्छा काम करती है, तो विपक्ष उसका विरोध करने लगता है। उन्होंने जोर दिया कि बिहार के विकसित होने पर ही देश विकसित होगा। अनामिका सिंह ने बताया कि यह बिल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए लाया गया है, जिसका उद्देश्य गांवों और मजदूरों का विकास सुनिश्चित करना है। नए बिल के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी इस बिल के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, जिसके लिए गांवों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बिहार की एनडीए सरकार ने गांवों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में कई कार्य किए हैं। इस बिल में गांव, गरीब और किसान के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें 100 दिन के बजाय 125 दिन के काम का प्रावधान है। यदि काम नहीं मिलता है, तो मानदेय का भुगतान करना होगा, और यह भुगतान हर सप्ताह सुनिश्चित किया जाएगा। अनामिका सिंह ने विपक्ष के दुष्प्रचार को ‘गलत और भ्रमहीन’ बताया। उन्होंने दोहराया कि पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे गरीबों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि नए बिल में सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। अरवल में भारत सरकार द्वारा पारित ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन बिल’ पर बुधवार को एनडीए के सभी घटक दलों के जिला अध्यक्षों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह कॉन्फ्रेंस जिला अतिथि गृह में आयोजित की गई, जिसमें बिहार विधान परिषद सदस्य अनामिका सिंह मुख्य वक्ता थीं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी, हम जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, लोजपा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र रंजन, रालोमो जिलाध्यक्ष रविंद्र राम और जेडीयू प्रवक्ता चांद मलिक भी मौजूद रहे। मनरेगा योजना को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा, विपक्ष पर निशाना साधा पत्रकारों को संबोधित करते हुए अनामिका सिंह ने कहा कि पूर्व में मनरेगा या जवाहर रोजगार योजना जैसी योजनाओं में काफी भ्रष्टाचार था। उन्होंने इसे ‘भ्रष्टाचार का अड्डा’ बताया। अनामिका सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में यह नया बिल सहायक साबित होगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सरकार जब भी कोई अच्छा काम करती है, तो विपक्ष उसका विरोध करने लगता है। उन्होंने जोर दिया कि बिहार के विकसित होने पर ही देश विकसित होगा। अनामिका सिंह ने बताया कि यह बिल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए लाया गया है, जिसका उद्देश्य गांवों और मजदूरों का विकास सुनिश्चित करना है। नए बिल के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी इस बिल के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, जिसके लिए गांवों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बिहार की एनडीए सरकार ने गांवों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में कई कार्य किए हैं। इस बिल में गांव, गरीब और किसान के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें 100 दिन के बजाय 125 दिन के काम का प्रावधान है। यदि काम नहीं मिलता है, तो मानदेय का भुगतान करना होगा, और यह भुगतान हर सप्ताह सुनिश्चित किया जाएगा। अनामिका सिंह ने विपक्ष के दुष्प्रचार को ‘गलत और भ्रमहीन’ बताया। उन्होंने दोहराया कि पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे गरीबों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि नए बिल में सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं।


