छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत त्रिपुरी में पकड़ी गई अफीम की खेती की निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। बुधवार को रायपुर से एनसीबी और फॉरेंसिक की टीम त्रिपुरी पहुंचकर जांच करेगी। पुलिस ने खेतों की काम करने वाले झारखंड के 5 लोगों को हिरासत में लिया है। अफीम की खेती करने वाले सरगना की तलाश की जा रही है। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना इलाके के त्रिपुरी गांव के सरनाटोली में मंगलवार को पुलिस और प्रशासनिक टीम ने अफीम की खेती पकड़ी थी। दुर्ग में अफीम की खेती पर हुई कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर भी शाम को मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन ने मामले की सूचना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को दे दी है। वहीं, बलरामपुर में अफीम की खेती की जांच के लिए कांग्रेस ने जांच टीम बनाई है। जबकि भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा से इस्तीफे की मांग की है। फोर्स की तैनाती, बड़े पैमाने पर डोडा जब्त छापेमारी के दौरान मौके पर बड़ी मात्रा में अफीम के डोडे सूखते मिले। पुलिस ने करीब 5 बोरी डोडा जब्त किया है। जिनमें चीरे लगे थे। ये डोडे सूखाने के लिए तोड़े गए थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि, झारखंड के एक व्यक्ति ने जशपुर जिले के ग्राम राझाडीपा निवासी भाजपा नेता और पूर्व सरपंच जिरमल राम के माध्यम से किसानों से संपर्क किया था। जमीन लीज में लेकर फूलों की खेती करना बताकर अफीम की खेती करने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि, अफीम की खेती करने वाला सरगना गांव में नहीं आता था। अफीम की खेती की देखभाल के लिए झारखंड से लोग बुलाए गए थे। खेती की निगरानी जिरमल राम करता था। जांच के बाद नष्ट की जाएगी फसल बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया है कि, जिला प्रशासन ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी सूचित कर दिया है। बुधवार को विशेषज्ञों की उपस्थिति में पौधों के सैंपल लिए जाएंगे। वैज्ञानिक पुष्टि के बाद पूरी फसल को नष्ट किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा है खेत त्रिपुरी गांव के सरनाटोली में जहां अफीम की खेती की गई है, वो तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा है। पास ही वन विभाग ने नाले में डेम बनाया है। इसके अलावा जिन दो किसान रूपदेव भगत और कौशल भगत की जमीन लीज पर ली गई थीं, उनमें सोलर पंप भी लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में लोगों का आना जाना कम होता था। जनवरी में कुछ लोग डेम में पास पिकनिक मनाने पहुंचे थे तो अफीम में फूल लगे थे एवं कुछ में डोडे भी आ गए थे। ग्रामीणों को बताया गया कि यह फूलों की खेती है। पंचायत के सरपंच ने फेकूंदर नाग ने बताया कि जनवरी में ग्रामीणों ने फसल की कुछ फोटो भेजी थी, जिसे उन्होंने कुसमी पुलिस के मुंशी को भेजा था एवं फोन भी किया था। पुलिस वालों ने कहा कि ठीक है दिखवाते हैं। इसके बाद भी पुलिस अफीम के खेतों तक नहीं पहुंची। अफीम की खेती पर भूपेश हमलावर दुर्ग के बाद बलरामपुर में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। भूपेश बघेल ने सरपंच का बयान भी एक्स पर पोस्ट करते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा से इस्तीफे की मांग की है। भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट में लिखा है कि सरपंच का कहना है कि यहां अफीम की खेती होने की सूचना उसने जनवरी में ही पुलिस को दे दी थी, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरगना की तलाश में जुटी पुलिस
त्रिपुरी में अफीम की फसल पकड़े जाने के बाद पुलिस सरगना की तलाश में जुटी है। बड़ी मात्रा में डोडे पकड़े गए हैं, जिनमें पांच से छह चीरे भी लगे हुए हैं। इससे साफ है कि अफीम के डोडे से लेटैक्स निकाले गए हैं। इन लेटैक्स का उपयोग ही नशीले पदार्थ बनाने एवं हेरोइन बनाने के लिए किया जाता है। अफीम की आधी फसल में चीरे लगाने का काम पूरा हो गया था। वहीं शेष फसल में दो से तीन चीरे लगे हुए मिले। कुछ पौधे अब भी खिले हुए हैं एवं अधिकांश में डोडे लगे हुए हैं। पुलिस के लिए यह आंकलन करना भी मुश्किल है कि कितनी मात्रा में अफीम निकाली गई और इसे कहां भेजा गया है।


