मुंगेर जेल में 3.5 साल से बंद विचाराधीन नक्सली बीडीओ कोड़ा की बुधवार को पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनकर पैसरा गांव के ग्रामीण दुखी हैं। गुरुवार को नक्सली BDO कोड़ा का शव लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव पहुंचा, जहां पत्नी लालपरी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने आरोप लगाया कि बीडीओ कोड़ा कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उन्हें लिवर में इंफेक्शन था। उन्होंने मुंगेर जेल अधीक्षक से बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने की गुहार लगाई थी। परिजनों का कहना है कि इलाज में देरी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इलाज के दौरान पटना में हुई मौत इसके बाद उन्हें 3 फरवरी को समुचित इलाज के लिए PMCH पटना रेफर किया गया, लेकिन 4 फरवरी को इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर सही समय पर इलाज न करने के कारण मौत होने का आरोप लगाया है। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि BDO कोड़ा के चार बच्चे हैं, जिनका भरण-पोषण सरकार करे। उनका कहना है कि जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों ने अपने पिता को खो दिया। विभिन्न थानों में कुल 16 मामले दर्ज थे मृतक नक्सली BDO कोड़ा पर मुंगेर, जमुई और लखीसराय जिले के विभिन्न थानों में कुल 16 मामले दर्ज थे। मुंगेर एसटीएफ पुलिस ने उन्हें 11 जुलाई 2022 को उनकी प्रेमिका पॉली के साथ नोएडा से गिरफ्तार किया था। मुंगेर जिले के धरहरा, बरियारपुर और लड़ैयाटांड थानों में उन पर आधा दर्जन मामले दर्ज थे, जिनका ट्रायल चल रहा था। मुंगेर मंडल में साढ़े तीन साल से बंद था नक्ससली BDO कोड़ा एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया की नक्ससली BDO कोड़ा मुंगेर मंडल में साढ़े तीन साल से बंद है और आधा दर्जन केस में ट्रायल चल रहा था। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को बीडीओ कोड़ा की तबीयत खराब हुई तो उसे इलाज के लिए भेजा गया गया, जिसके बाद 29 और 31 जनवरी को भी वही जब ज्यादा तबियत खराब होने लगी तो नक्सली BDO कोड़ा को एक फरवरी को सदर अस्तपताल इलाज के लिए भेजा गया। जहां बेहतर इलाज के लिए चिकित्स्कों द्वारा बाहर ले जाने को कहा जिसके बाद मेडिकल बोर्ड की बैठक की गयी, जिसके बाद 3 फरबरी को बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया की मौत के बाद नक्सली के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है जंहा परिजनों द्वारा दाह संस्कार किया जायेगा। परवेस दा का दाहिना हाथ हुआ करता था मृतक वही जानकारी के अनुसार बीडीओ कोड़ा, केंद्रीय कमिटी सदस्य (भाकपा- माले ) मृतक परवेस दा उर्फ अनुज सोरेन का दाहिना हाथ हुआ करता था। लखीसराय में SSB और नक्ससलियो के बीच हुई मुठभेड़ में इसकी संलिप्ता सामने आयी थी। इसके साथ लड़ैयाथाना क्षेत्र में 24 दिसंबर 2021 माह में आजीमगज पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया परमानंद टुडू की हत्या में इसकी संल्पिता सामने आयी थी। वही बीडीओ कोड़ा में अपने संगठन में शामिल एक महिला पॉली से प्यार हो गया जिसके बाद वर्ष 2022 में नोएडा चला गया था जहां पति -पत्नी के रूप में रहता था, वही जब मुंगेर एसटीएफ को जानकरी हुई तो पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मुंगेर लायी जसिके बाद से ही मुंगेर जेल में बंद है। मुंगेर जेल में 3.5 साल से बंद विचाराधीन नक्सली बीडीओ कोड़ा की बुधवार को पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनकर पैसरा गांव के ग्रामीण दुखी हैं। गुरुवार को नक्सली BDO कोड़ा का शव लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव पहुंचा, जहां पत्नी लालपरी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने आरोप लगाया कि बीडीओ कोड़ा कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उन्हें लिवर में इंफेक्शन था। उन्होंने मुंगेर जेल अधीक्षक से बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने की गुहार लगाई थी। परिजनों का कहना है कि इलाज में देरी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इलाज के दौरान पटना में हुई मौत इसके बाद उन्हें 3 फरवरी को समुचित इलाज के लिए PMCH पटना रेफर किया गया, लेकिन 4 फरवरी को इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर सही समय पर इलाज न करने के कारण मौत होने का आरोप लगाया है। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि BDO कोड़ा के चार बच्चे हैं, जिनका भरण-पोषण सरकार करे। उनका कहना है कि जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों ने अपने पिता को खो दिया। विभिन्न थानों में कुल 16 मामले दर्ज थे मृतक नक्सली BDO कोड़ा पर मुंगेर, जमुई और लखीसराय जिले के विभिन्न थानों में कुल 16 मामले दर्ज थे। मुंगेर एसटीएफ पुलिस ने उन्हें 11 जुलाई 2022 को उनकी प्रेमिका पॉली के साथ नोएडा से गिरफ्तार किया था। मुंगेर जिले के धरहरा, बरियारपुर और लड़ैयाटांड थानों में उन पर आधा दर्जन मामले दर्ज थे, जिनका ट्रायल चल रहा था। मुंगेर मंडल में साढ़े तीन साल से बंद था नक्ससली BDO कोड़ा एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया की नक्ससली BDO कोड़ा मुंगेर मंडल में साढ़े तीन साल से बंद है और आधा दर्जन केस में ट्रायल चल रहा था। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को बीडीओ कोड़ा की तबीयत खराब हुई तो उसे इलाज के लिए भेजा गया गया, जिसके बाद 29 और 31 जनवरी को भी वही जब ज्यादा तबियत खराब होने लगी तो नक्सली BDO कोड़ा को एक फरवरी को सदर अस्तपताल इलाज के लिए भेजा गया। जहां बेहतर इलाज के लिए चिकित्स्कों द्वारा बाहर ले जाने को कहा जिसके बाद मेडिकल बोर्ड की बैठक की गयी, जिसके बाद 3 फरबरी को बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया की मौत के बाद नक्सली के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है जंहा परिजनों द्वारा दाह संस्कार किया जायेगा। परवेस दा का दाहिना हाथ हुआ करता था मृतक वही जानकारी के अनुसार बीडीओ कोड़ा, केंद्रीय कमिटी सदस्य (भाकपा- माले ) मृतक परवेस दा उर्फ अनुज सोरेन का दाहिना हाथ हुआ करता था। लखीसराय में SSB और नक्ससलियो के बीच हुई मुठभेड़ में इसकी संलिप्ता सामने आयी थी। इसके साथ लड़ैयाथाना क्षेत्र में 24 दिसंबर 2021 माह में आजीमगज पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया परमानंद टुडू की हत्या में इसकी संल्पिता सामने आयी थी। वही बीडीओ कोड़ा में अपने संगठन में शामिल एक महिला पॉली से प्यार हो गया जिसके बाद वर्ष 2022 में नोएडा चला गया था जहां पति -पत्नी के रूप में रहता था, वही जब मुंगेर एसटीएफ को जानकरी हुई तो पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मुंगेर लायी जसिके बाद से ही मुंगेर जेल में बंद है।


