नवादा में नीति आयोग के सम्पूर्णता अभियान–2.0 का विधिवत शुभारंभ 3 फरवरी को डीआरडीए सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचाना है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) के 5 सूचकांकों और आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (ABP) के 6 सूचकांकों को निर्धारित समय-सीमा में संतृप्त किया जाना है। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल 2026 तक सभी चयनित संकेतकों को पूरी तरह से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विशेष दिवसों का आयोजन कर जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी ताकि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। समीक्षा बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत 6 माह से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसका लक्ष्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, कुपोषण में कमी और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को सुदृढ़ करना है। सिविल सर्जन, नवादा को निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और हीमोग्लोबिन, वजन व अन्य जांचों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। शिक्षा विभाग के डीपीओ को विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, जिला पशुपालन पदाधिकारी को गोवंशीय पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुधार लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्पूर्णता अभियान-2.0 का संचालन 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। नवादा में नीति आयोग के सम्पूर्णता अभियान–2.0 का विधिवत शुभारंभ 3 फरवरी को डीआरडीए सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचाना है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) के 5 सूचकांकों और आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (ABP) के 6 सूचकांकों को निर्धारित समय-सीमा में संतृप्त किया जाना है। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल 2026 तक सभी चयनित संकेतकों को पूरी तरह से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विशेष दिवसों का आयोजन कर जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी ताकि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। समीक्षा बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने विभिन्न विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत 6 माह से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसका लक्ष्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, कुपोषण में कमी और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को सुदृढ़ करना है। सिविल सर्जन, नवादा को निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और हीमोग्लोबिन, वजन व अन्य जांचों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। शिक्षा विभाग के डीपीओ को विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, जिला पशुपालन पदाधिकारी को गोवंशीय पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुधार लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्पूर्णता अभियान-2.0 का संचालन 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है।


