सिटी रिपोर्टर | नवादा जिले में लगी फसलों की प्रकृति प्रकार और उनके सेहत की निगरानी के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे हो रहा है। 60% लक्ष्य पूरा करके नवादा फिलहाल राज्य के छठवें पायदान पर है। हालांकि कई प्रखंडों में सर्वे की रफ्तार तेज तो कई में काफी धीमी है। ओवरऑल जिले भर में लगभग 60 % भूखंडों का सर्वे हुआ है। 14 में से 13 प्रखंडों में यह डिजिटल क्रॉप सर्वे हो रहा है जहां रबी मौसम में उगाई जाने वाली वास्तविक फसलों, उनकी स्थिति एवं सिंचाई संसाधनों के बारे में धरातल पर जाकर जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे के आंकड़ों ने जिले की खेती-किसानी के डिजिटल मानचित्र की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की है। जिले के 6,41,461 भूखंडों के सर्वेक्षण का लक्ष्य रखा गया है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले में करीब 3 लाख 85 हजार भूखंडों का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत है। जिले भर में जारी सर्वेक्षण की गति कुछ प्रखंडों में काफी तेज है तो कुछ प्रखंडों में औसत से भी कम है। कुछ प्रखंडों ने 77 प्रतिशत से अधिक सर्वे पूरा कर लिया गया है, वहीं कुछ प्रखंड अभी भी 50 प्रतिशत के नीचे ही संघर्ष कर रहे हैं। सर्वेक्षण के मामले में नारदीगंज प्रखंड जिले में अव्वल स्थान पर है। यहां पर लगभग 77. प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि है। इसके बाद गोविंदपुर का स्थान आता है, जिसने 72.2 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। काशीचक और वारिसलीगंज प्रदर्शन भी बेहतर है और इन जगहों पर करीब 72% सर्वे हो चुकाहै। कुछ प्रखंड लक्ष्य से काफी पीछे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति मेसकौर प्रखंड की है, जहां अब तक लगभग 42 प्रतिशत कार्य ही संपन्न हो पाया है। इसी तरह पकरीबरावां में भी कम हुआ है। हिसुआ में भी 50% के आस पास सर्वे हुआ है। सर्वे की गति बढ़ाने को दिया निर्देश डिजिटल क्रॉप सर्वे का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं, उर्वरक सब्सिडी और फसल बीमा का लाभ सीधे और पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। वर्तमान प्रगति संतोषजनक तो है, लेकिन समय सीमा को देखते हुए मेसकौर और पकरीबरावां जैसे प्रखंडों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत को समझते हुए विभागीय स्तर पर तमाम दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में सर्वेक्षकों की संख्या बढ़ाकर और तकनीकी बाधाओं को दूर कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। कुछ क्षेत्रों में तकनीकी समस्याएं व सर्वेक्षकों की कमी मुख्य कारण साबित हो रही है। सर्वेक्षण के क्रम में अक्षम सर्वेक्षण का भी उल्लेख है। जिले के कुल 1,382 भूखंड ऐसे पाए गए हैं, जिनका सर्वेक्षण किसी तकनीकी या भौगोलिक कारण से नहीं हो सका है। इसमें सबसे अधिक समस्या हिसुआ में 303 और सिरदला में 251 देखी गई है। तय समय सीमा के अंदर पूरा होगा सर्वे ^खरीफ सीजन के बाद रबी सीजन में फसल सर्वे चल रहा है है। वर्तमान में करीब 3 लाख 85 हजार प्लाट का डिजिटल सर्वे किया जा चुका है। रबी फसल काटने से पहले हर हाल में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। अजीत प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, नवादा प्रखंड भूखंड उपलब्धि नारदीगंज 77 % गोविंदपुर 72% काशीचक 72% वारिसलीगंज 71 % प्रखंड भूखंड उपलब्धि सिरदला 65 % नवादा 62% कौआकोल 60.21% रोह 60 % नरहट 51 % अकबरपुर 51 % हिसुआ 50% पकरीबरावां 45% मेसकौर 42 % सिटी रिपोर्टर | नवादा जिले में लगी फसलों की प्रकृति प्रकार और उनके सेहत की निगरानी के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे हो रहा है। 60% लक्ष्य पूरा करके नवादा फिलहाल राज्य के छठवें पायदान पर है। हालांकि कई प्रखंडों में सर्वे की रफ्तार तेज तो कई में काफी धीमी है। ओवरऑल जिले भर में लगभग 60 % भूखंडों का सर्वे हुआ है। 14 में से 13 प्रखंडों में यह डिजिटल क्रॉप सर्वे हो रहा है जहां रबी मौसम में उगाई जाने वाली वास्तविक फसलों, उनकी स्थिति एवं सिंचाई संसाधनों के बारे में धरातल पर जाकर जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे के आंकड़ों ने जिले की खेती-किसानी के डिजिटल मानचित्र की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की है। जिले के 6,41,461 भूखंडों के सर्वेक्षण का लक्ष्य रखा गया है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले में करीब 3 लाख 85 हजार भूखंडों का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत है। जिले भर में जारी सर्वेक्षण की गति कुछ प्रखंडों में काफी तेज है तो कुछ प्रखंडों में औसत से भी कम है। कुछ प्रखंडों ने 77 प्रतिशत से अधिक सर्वे पूरा कर लिया गया है, वहीं कुछ प्रखंड अभी भी 50 प्रतिशत के नीचे ही संघर्ष कर रहे हैं। सर्वेक्षण के मामले में नारदीगंज प्रखंड जिले में अव्वल स्थान पर है। यहां पर लगभग 77. प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि है। इसके बाद गोविंदपुर का स्थान आता है, जिसने 72.2 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। काशीचक और वारिसलीगंज प्रदर्शन भी बेहतर है और इन जगहों पर करीब 72% सर्वे हो चुकाहै। कुछ प्रखंड लक्ष्य से काफी पीछे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति मेसकौर प्रखंड की है, जहां अब तक लगभग 42 प्रतिशत कार्य ही संपन्न हो पाया है। इसी तरह पकरीबरावां में भी कम हुआ है। हिसुआ में भी 50% के आस पास सर्वे हुआ है। सर्वे की गति बढ़ाने को दिया निर्देश डिजिटल क्रॉप सर्वे का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं, उर्वरक सब्सिडी और फसल बीमा का लाभ सीधे और पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। वर्तमान प्रगति संतोषजनक तो है, लेकिन समय सीमा को देखते हुए मेसकौर और पकरीबरावां जैसे प्रखंडों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत को समझते हुए विभागीय स्तर पर तमाम दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में सर्वेक्षकों की संख्या बढ़ाकर और तकनीकी बाधाओं को दूर कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। कुछ क्षेत्रों में तकनीकी समस्याएं व सर्वेक्षकों की कमी मुख्य कारण साबित हो रही है। सर्वेक्षण के क्रम में अक्षम सर्वेक्षण का भी उल्लेख है। जिले के कुल 1,382 भूखंड ऐसे पाए गए हैं, जिनका सर्वेक्षण किसी तकनीकी या भौगोलिक कारण से नहीं हो सका है। इसमें सबसे अधिक समस्या हिसुआ में 303 और सिरदला में 251 देखी गई है। तय समय सीमा के अंदर पूरा होगा सर्वे ^खरीफ सीजन के बाद रबी सीजन में फसल सर्वे चल रहा है है। वर्तमान में करीब 3 लाख 85 हजार प्लाट का डिजिटल सर्वे किया जा चुका है। रबी फसल काटने से पहले हर हाल में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। अजीत प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, नवादा प्रखंड भूखंड उपलब्धि नारदीगंज 77 % गोविंदपुर 72% काशीचक 72% वारिसलीगंज 71 % प्रखंड भूखंड उपलब्धि सिरदला 65 % नवादा 62% कौआकोल 60.21% रोह 60 % नरहट 51 % अकबरपुर 51 % हिसुआ 50% पकरीबरावां 45% मेसकौर 42 %


