फर्जी टीपी से खैर-सागौन की तस्करी, देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा:शहडोल वन विभाग ने 3 ठिकानों पर छापा मारा, लाखों की लकड़ी जब्त

फर्जी टीपी से खैर-सागौन की तस्करी, देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा:शहडोल वन विभाग ने 3 ठिकानों पर छापा मारा, लाखों की लकड़ी जब्त

शहडोल वन विभाग ने खैर और सागौन लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में फर्जी ट्रांजिट पास (टीपी) के जरिए लकड़ी की देशव्यापी तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। विभाग ने अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। वन विभाग की टीम ने सबसे पहले बुढ़ार वन परिक्षेत्र के ग्राम बुगरा में दबिश दी। यहां राम प्रवेश यादव के बाड़ी परिसर से 104 नग सागौन लकड़ी (कुल 3.109 घनमीटर) बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह लकड़ी रात के अंधेरे में पिकअप वाहन से लाई गई थी। मौके पर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के कोलमी वार्ड में कार्रवाई की गई। यहां अशोक कुमार अवस्थी के निवास से सागौन लकड़ी के छिलन से भरे 5 बोरे, लकड़ी के 2 टुकड़े, एक बैटरी चालित चेन-सॉ मशीन और 13 चेन-सॉ चेन जब्त की गईं। यह सामग्री अवैध कटाई और प्रसंस्करण में उपयोग की जा रही थी। तीसरी कार्रवाई ग्राम पटदई में सुनील अवस्थी के ढाबा परिसर पर की गई। यहां से 130 नग सागौन लकड़ी (कुल 2.079 घनमीटर) बरामद हुई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ब्यौहारी और शहडोल वन परिक्षेत्रों में अशोक अवस्थी और उनके भाई सुनील अवस्थी के ठिकानों पर लंबे समय से खैर और सागौन की अवैध आवाजाही चल रही थी। कुल मिलाकर 5 से 6 घनमीटर अवैध खैर और सागौन लकड़ी जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। वन विभाग की जांच से पता चला है कि तस्कर फर्जी ट्रांजिट पास (टीपी) का उपयोग कर अवैध लकड़ी को वैध दिखाकर राज्यों के बाहर भेज रहे थे। इससे तस्करी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। डीएफओ साउथ श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि खैर लकड़ी की बढ़ती मांग के कारण अब केवल लकड़ी ही नहीं, बल्कि उसके छिलके और जड़ों की भी तस्करी की जा रही है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दिया है।

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