स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर रामकृष्ण मठ, निराला नगर में राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रचेतना से ओतप्रोत इस कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद, मंगल आरती और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस समारोह में विभिन्न विद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने रिजर्व पुलिस लाइन से स्वामी विवेकानंद अस्पताल होते हुए रामकृष्ण मठ तक एक शोभायात्रा निकाली। उनके हाथों में विवेकानंद के संदेश थे और चेहरों पर उत्साह व ऊर्जा साफ झलक रही थी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण रामकृष्ण मठ लखनऊ के यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी किया गया, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु जुड़े। 2 तस्वीरें देखिए… वक्ताओं ने विवेकानंद के विचारों को अपने का आह्वान किया कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। उद्घाटन गीत का गायन मठ के संन्यासियों द्वारा किया गया। विवेकानंद युवा संघ के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद के स्वदेश मंत्र और अमृत मंत्र का सामूहिक पाठ भी हुआ। स्वागतीय संबोधन में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े वक्ताओं ने युवाओं से विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। गदाधर अभ्युदय प्रकल्प के सदस्य ने स्वामी विवेकानंद की रचित कविता का सशक्त पाठ किया। राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व के बारे में बताया इस अवसर पर चयनित युवा प्रतिभागियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वानों ने प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं पूर्व डीजीपी प्रो. डॉ. विक्रम सिंह ने राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा और राष्ट्रभक्ति ही सच्ची युवा शक्ति की पहचान है। विशेष अतिथि डॉ. विवेक तांगरी ने युवाओं को आत्मसंयम और सतत परिश्रम को जीवन का आधार बनाने की सलाह दी। अध्यक्षीय उद्बोधन में रामकृष्ण मठ, लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और सेवा भावना को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध मंत्र ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको’ को आज के युवाओं के लिए पथप्रदर्शक करार दिया।


