रांची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ में द्वितीय राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण विधि मूट कोर्ट प्रतियोगिता–2026 का समापन हुआ। तीन दिनों तक चली इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर के विधि विद्यार्थियों ने अपनी कानूनी समझ और तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। आयोजन भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सहयोग से उपभोक्ता अनुसंधान एवं नीति अध्यासन के तत्वावधान में किया गया। प्रतियोगिता के लिए कुल 43 टीमों ने पंजीकरण कराया था। जिनमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित निजी विधि संस्थानों की टीमें शामिल रहीं। लिखित मूल्यांकन के बाद 18 टीमों को मौखिक चरण के लिए चुना गया। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि एक लाख रुपए निर्धारित की गई थी, जिसने प्रतिभागियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाया। तकनीक के दौर में भी पुस्तकों की प्रासंगिकता बरकरार समापन समारोह में मुख्य अतिथि झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति आनंद सेन मौजूद रहे। न्यायमूर्ति प्रसाद ने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के तीव्र विस्तार के बावजूद पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विधि की धाराओं और महत्वपूर्ण निर्णयों की गहन समझ के लिए मूल पाठ का अध्ययन आवश्यक है। वहीं न्यायमूर्ति सेन ने फाइनल राउंड को जज करने के अनुभव को प्रेरक बताया। उन्होंने प्रतिभागियों की तार्किक क्षमता, शोध कौशल और प्रभावी प्रस्तुतीकरण की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि विधि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग संतुलित और विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। एचएनएलयू अव्वल, एनएलआईयू भोपाल द्वितीय प्रतियोगिता में हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भोपाल द्वितीय स्थान पर रहा। बेस्ट स्पीकर (महिला) का पुरस्कार विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज- TC, GGSIPU की संचिता त्रिपाठी को मिला, जबकि बेस्ट स्पीकर (पुरुष) का खिताब दामोदरम संजिव्या नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के रिधम गुप्ता ने जीता। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विधि शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करते हैं और विद्यार्थियों को व्यावसायिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करते हैं। प्रो. (डॉ.) उदय शंकर के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का सफल संचालन हुआ। उल्लेखनीय है कि उद्घाटन झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया था। रांची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ में द्वितीय राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण विधि मूट कोर्ट प्रतियोगिता–2026 का समापन हुआ। तीन दिनों तक चली इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर के विधि विद्यार्थियों ने अपनी कानूनी समझ और तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। आयोजन भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सहयोग से उपभोक्ता अनुसंधान एवं नीति अध्यासन के तत्वावधान में किया गया। प्रतियोगिता के लिए कुल 43 टीमों ने पंजीकरण कराया था। जिनमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित निजी विधि संस्थानों की टीमें शामिल रहीं। लिखित मूल्यांकन के बाद 18 टीमों को मौखिक चरण के लिए चुना गया। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि एक लाख रुपए निर्धारित की गई थी, जिसने प्रतिभागियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाया। तकनीक के दौर में भी पुस्तकों की प्रासंगिकता बरकरार समापन समारोह में मुख्य अतिथि झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति आनंद सेन मौजूद रहे। न्यायमूर्ति प्रसाद ने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के तीव्र विस्तार के बावजूद पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विधि की धाराओं और महत्वपूर्ण निर्णयों की गहन समझ के लिए मूल पाठ का अध्ययन आवश्यक है। वहीं न्यायमूर्ति सेन ने फाइनल राउंड को जज करने के अनुभव को प्रेरक बताया। उन्होंने प्रतिभागियों की तार्किक क्षमता, शोध कौशल और प्रभावी प्रस्तुतीकरण की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि विधि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग संतुलित और विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। एचएनएलयू अव्वल, एनएलआईयू भोपाल द्वितीय प्रतियोगिता में हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भोपाल द्वितीय स्थान पर रहा। बेस्ट स्पीकर (महिला) का पुरस्कार विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज- TC, GGSIPU की संचिता त्रिपाठी को मिला, जबकि बेस्ट स्पीकर (पुरुष) का खिताब दामोदरम संजिव्या नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के रिधम गुप्ता ने जीता। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विधि शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करते हैं और विद्यार्थियों को व्यावसायिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करते हैं। प्रो. (डॉ.) उदय शंकर के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का सफल संचालन हुआ। उल्लेखनीय है कि उद्घाटन झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया था।


